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क्या हार्दिक का खेल बिगाड़ सकती हैं रेशमा पटेल? वीरमगांव में AAP का क्या है मास्टर स्ट्रोक

Can Reshma Patel spoil Hardik's game? What a masterstroke by AAP in Viramgaon

 
Can Reshma Patel spoil Hardik's game? What a masterstroke by AAP in Viramgaon

Mhara Hariyana News:

बागियों की बगावत से बीजेपी ही नहीं जूझ रही बल्कि इससे विपक्षी पार्टियां भी परेशान हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और एनसीपी के समझौते के ऐलान के बाद एनसीपी के कद्दावर नेता बगावत पर उतर आए हैं तो वहीं कांग्रेस की नई लिस्ट जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा है. यानी जैसा कि आप गुजराती अपनी बातचीत में कहते हैं कि हिसाब बरोबर, मतलब सभी पार्टियों का आपस में हिसाब किताब बराबर.


एनसीपी की महिला शाखा की अध्यक्ष और पाटीदार आंदोलन का चर्चित चेहरा रही रेशमा पटेल ने भी एनसीपी से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई हैं. रेशमा राजकोट के गोंडल से चुनाव लड़ना चाह रही थीं, लेकिन एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन में एनसीपी को सौराष्ट्र में एक भी सीट नहीं मिली जिससे रेशमा अपनी पार्टी से नाराज चल रही थी. और अब चर्चा है कि आप पार्टी रेशमा को वीरमगांव से उम्मीदवार बना सकती हैे जहां से उनके पुराने साथी और 2015 के पाटीदार आंदोलन का सबसे अहम चेहरा रहे हार्दिक पटेल बीजेपी के टिकट से ताल ठोक रहे हैं, लेकिन रेशमा के मैदान में उतरने के बाद हार्दिक का खेल बिगड़ सकता है.

कांधल जडेजा ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा
जैसे ही गुजरात में एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन का ऐलान हुआ, पहली गाज कुटियाना से मौजूदा विधायक कांधल जडेजा पर गिरी. गठबंधन के तहत पोरबंदर की कुटियाना सीट कांग्रेस को मिली है और कांग्रेस ने यहां से नाथ ओदेदरा को मैदान में उतारा है. जिसके बाद कांधल जडेजा ने एनसीपी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया, और सपा उम्मीदवार के तौर पर अपना पर्चा दाखिल किया है. कांधल गुजरात की मशहूर बाहुबली संतोष बेन जाडेजा कि बेटे हैं जिन पर की बॉलीवुड में चर्चित गार्ड मदर फिल्म बनी थी. कांधल का कुटियाना सीट पर काफी दबदबा है और इसी के चलते उसने 2012 और 2017 के चुनाव में जीत हासिल की थी. और इस बार वह कांग्रेस उम्मीदवार की राह में अड़ंगा लगा सकते हैं.