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उत्तराखंड में फिर कांपी धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.8 रही तीव्रता

बताया जा रहा है भूकंप सुबह आठ बजकर 58 मिनट पर आया. भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ के आसपास था. भूकंप के झटकों की वजह से लोग घरों से बाहर निकलकर खुले स्थान में आ गए.
 
उत्तराखंड में फिर कांपी धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.8 रही तीव्रता

Mhara Hariyana News, Uttarakhand
उत्तराखंड (Uttarakhand) के कुछ इलाकों में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि, भूकंप की वजह से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. भूकंप की तीव्रता ज्यादा नहीं थी. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई है. बताया जा रहा है भूकंप सुबह आठ बजकर 58 मिनट पर आया.


भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ के आसपास था. भूकंप के झटकों की वजह से लोग घरों से बाहर निकलकर खुले स्थान में आ गए. लोगों ने बताया कि ऐसा लगा कि कुछ कंपन सा हो रहा है. कुर्सियां और घरों में रखे बेड हिलने लगे. तब पता चला कि भूकंप आया हुआ है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप धरती से 10 किमी नीचे गहराई पर आया था. इसका अक्षांश 29.78 और देशांतर 80.13 था.

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पिछले साल उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे
पिछले साल दिसंबर में उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.1 मापी गई थी. यह भूकंप दो बजकर 19 मिनट पर आया था. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि इसका अक्षांश 30.87 था और देशांतर 78.19 था. साथ ही इसकी गहराई 5 किमी दर्ज की गई.

क्यों आता है भूकंप
धरती के अंदर हमेशा उथल-पुथल मची रहती है. जमीन के अंदर मौजूद प्लेटें आपस में टकराती रहती हैं जिसके चलते हर साल भूकंप आते रहते हैं. भूकंप का विज्ञान समझने से पहले हमें धरती के नीचे मौजूद प्लेटों की संरचना को समझना होगा. हमारी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है. इन प्लेटों के टकराने पर जो ऊर्जा निकलती है, उसे भूकंप कहा जाता है.

धरती के नीचे मौजूद ये प्लेटें बेहद धीमी रफ्तार से घूमती रहती हैं. हर साल ये प्लेटें अपनी जगह से 4-5 मिमी खिसक जाती हैं. इस दौरान कोई प्लेट किसी से दूर हो जाती है तो कोई किसी के नीचे से खिसक जाती है. इसी दौरान प्लेटों के टकराने से भूकंप आता है. वहीं, जब भी भूकंप आए तो लोगों को किसी खुले स्थान में आ जाना चाहिए.