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Pm Modi के जन्मदिन पर MP के क्रूनो पार्क में छोड़ें जाएंगे आठ चीते
नामीबिया Namibia से खाली पेट MP आएंगे चीते:स्पेशल प्लेन से 17 सितंबर को जयपुर लैंड करेंगे
 
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Mhara Hariyana News, New Delhi। 
भारत की सरजमीं पर 70 साल बाद चीतों की गुर्राहट सुनाई देगी। मौका होगा 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का। नामीबिया से विशेष रूप से भारत के लिए चीते लाए जा रहे हैं। इन   चीतों को लाने के लिए एक विशेष जंबो जेट बी 747 नामीबिया Namibia की राजधानी विंडहोक पहुंच चुका है। इस विमान को बाहर से ही नहीं, अंदर से भी चीतों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, ताकि उसमें पिंजरों को आसानी से रखा जा सके। इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू की जा चुकी है। विशेष विमान से चीतों केा नामीबिया से जयपुर लाया जाएगा बाद में इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी उन्हें क्रूनो पार्क में छोड़ेंगे। चीतों को खाली पेट भारत लाया जाएगा। एक्सपर्ट के मुताबिक शिफ्टिंग के दौरान जानवर का पेट खाली होना चाहिए।


अपने जन्मदिन पर देश को समर्पित करेंगे PM मोदी
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों को बाड़े में छोड़कर देश को समर्पित करेंगे। 
विमान में ऐसी व्यवस्था की गई है कि चीतों को यह नहीं लगे कि उन्हें जंगल से बाहर कहीं और ले जाया जा रहा है।  


विमान का फ्लैग म्यूजियम में रखा जाएगा
चीता प्रोजेक्ट में एविएशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी ने इस फ्लाइट को स्पेशल फ्लैग नंबर 118 दिया है। फ्लाइट के बाद कंपनी इस फ्लैग को अपने म्यूजियम में रखेगी। दुनिया में पहली बार चीतों को शिफ्ट करने के लिए स्पेशल फ्लाइट ऑपरेट हो रही है, इसलिए यह उनके लिए ऐतिहासिक अवसर है।


शुक्रवार रात 8 बजे विमान जयपुर के लिए भरेगा उड़ान
नामीबिया में चीतों की निगरानी कर रहे दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया विश्वविद्यालय में प्रो. एड्रियन ट्रोडिफ ने बताया कि भारत आने वाले 8 चीते फिलहाल सीसीएफ सर्किल (वन संरक्षित क्षेत्र) में हैं। इनमें 5 मादा और 3 नर हैं। दो सगे भाई हैं। इन्हें यहां से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे एयरपोर्ट ले जाया जाएगा। एयरपोर्ट तक पहुंचने में 4 से 5 घंटे लगेंगे। चीतों को लेकर विमान शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार रात 8 बजे) जयपुर के लिए उड़ान भरेगा। शनिवार को जयपुर से इन्हें हेलिकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क में लाया जाएगा।  

चीतों की उम्र ढाई से साढ़े पांच साल
कूनो लाए जा रहे चीतों की उम्र ढाई से साढ़े पांच साल के बीच है। इनमें दो सगे भाई हैं। ये अभी नामीबिया के एक प्राइवेट रिजर्व में रखे गए हैं। नामीबिया से आने वाली मादा चीतों को कुछ साल पहले जंगल में छोड़ा गया था। आमतौर पर चीते की औसत उम्र 12 साल होती है।

30  दिनों तक क्वारैंटाइन किया जाएगा
चीतों को लेकर कूनो नेशनल पार्क में तैयारी पूरी हो चुकी है। चीतों के आने के बाद उन्हें एक बाड़े में रखकर तीस दिनों तक क्वारैंटाइन किया जाएगा। इस दौरान उनके व्यवहार, सेहत व अनुकूलन पर पूरी तरह से नजर रखी जाएगी कि वे यहां के माहौल में खुद को कैसे एडजस्ट कर रहे हैं। एक महीने बाद इन चीतों को एक किलोमीटर जितने बड़े बाड़े में छोड़ा जाएगा। एक से डेढ़ महीने बाद थर्ड स्टेज में उन्हें कूनो में खुला छोड़ दिया जाएगा।

Pm के मंच के नीचे पिंजरे में होंगे चीते
कूनो नेशनल पार्क के टिकटौली गेट से 18 किलोमीटर भीतर पांच हेलिपैड बने हैं। इनमें से तीन प्रधानमंत्री और उनकी सुरक्षा के लिए आए हेलिकॉप्टर के लिए रिजर्व हैं। यहां से 500 मीटर के दायरे में 10 फीट ऊंचा प्लेटफॉर्म नुमा मंच तैयार किया गया है। मंच की ऊंचाई 10 से 12 फीट होगी। मंच पर पीएम मोदी के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय वन मंत्री और मध्य प्रदेश के वन मंत्री होंगे। इसी मंच के ठीक नीचे छह फीट के पिंजरे में चीते होंगे।