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कैसे एक गरीब देश बना अमीरों की पहचान, अब कर रहा है FIFA World Cup की मेजबानी

How a poor country became the identity of the rich, now hosting the FIFA World Cup

 
How a poor country became the identity of the rich, now hosting the FIFA World Cup

Mhara Hariyana News:

पूरी दुनिया की नजरें इस समय कतर पर हैं क्योंकि ये देश फीफा विश्व कप-2022 की मेजबानी कर रहा है. रविवार से इस विश्व कप की शुरुआत हो रही है. फुटबॉल दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और इसी कारण जब इस खेल का विश्व कप होता है तो पूरी दुनिया की नजरें इसी पर रहती हैं. कतर को जब इस विश्व कप की मेजबानी मिली थी तो खूब हंगामा बरपा था. एक समय था जब ये देश बेहद गरीब माना जाता था,लेकिन आज दुनिया के समृद्ध देशों में शामिल है और इसलिए दुनिया के सबसे बड़े खेल टूर्नामेंट्स में से एक की मेजबानी कर रहा है.


इस विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना ही कई टीमों के लिए बड़ी चुनौती होती है. मेजबान देश को हालांकि मेजबानी करने के कारण सीधे क्वालीफाई करने का मौका मिलता है और इसलिए कतर भी ये विश्व कप खेलेगा. जहां तक इस देश की आर्थिक स्थिति कि बात है तो इस देश में गरीबी न के बराबर हैं. पैसों वाले लोगों की यहां भरमार है. अमीरों का खजाना है कतर

ऐसे हैं आर्थिक हालात
भारत की तरह कतर ने भी गुलामी झेली वो भी एक देश से नहीं दो देशों से.पहले ये देश तुर्की का गुलाम रहा और फिर इसके बाद ब्रिटेन का. 1971 में ये देश ब्रिटेन से आजाद हो गया. लेकिन तब इसकी स्थिति ठीक नहीं थी. यहां गरीबी थी. फिर इस देश की देखभाल करने वाले शासकों ने यहां के आर्थिक हालात को सुधारने का बीड़ा उठाया और इसमें सफल भी रहे. आज नतीजा ये है कि यहां का हर तीसरा आदमी करोड़पति है और उसकी सालाना आय औसतन 94 लाख रुपये है. प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी ये देश काफी आगे हैं. पूरी दुनिया में ये देश पांचवें नंबर पर आता है.

अगर इस देश में रहने वाले लोगों को देखा जाए तो कतर के मूल निवासियों की तादाद कम है. इस देश की जनसंख्या 28 लाख है और इसमें से सिर्फ 12 प्रतिशत लोग ही कतर के मूल निवासी हैं.

इस तरह बना गरीब से अमीर
आजादी के समय ये देश ज्यादा संपन्न नहीं था. यहां तह मोतिया यानी मूंगा का काम बहुत होता था. लेकिन फिर तेल और गैस के भंडार इस देश से मिले और इस देश की किस्मत बदल गई. 1950 के आसपास इस देश में तेल और गैस के भंडार के बारे में पता चला. कतर ने इन दोनों पदार्थों के बेचा और अपनी झोली में पैसों की बरसात कर ली. आज आलम ये है कि ये देश अमेरिका, ब्रिटेन जैसे अमीर देशों की सूची में शामिल है. यहां मछली पकड़ने का भी बिजनेस काफी जोर-शोर से चलता है.