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महसा अमीनी को नहीं मारा, ईरानी बेटियों की हत्या के पीछे पश्चिमी देश: ईरान के मंत्री

Mahsa Amini was not killed, Western countries behind killing of Iranian daughters: Iranian minister
 
Mahsa Amini was not killed, Western countries behind killing of Iranian daughters: Iranian minister

Mhara Hariyana News:

ईरान के उप विदेश मंत्री अली बाघेरी कानी ने कहा है कि 22 साल की महसा अमीनी की हत्या नहीं की गई, जबकि उसकी मौत हुई. दरअसल, सितंबर के महीने में पुलिस कस्टडी में उसकी मौत के बाद से देशभर में काफी रोष फैल गया और जमकर विरोध-प्रदर्शन हुए. अमीनी की मौत के मामले में अपनी सरकार का बचाव करते हुए कानी ने पश्चिमी देशों पर हमला किया. उन्होंने ईरान में आधारहीन और भ्रामक माहौल बनाने के लिए पश्चिमी देशों को दोषी ठहराया.


न्यूज एजेंसी ANI ने उन्होंने कहा कि महसा अमीनी को मारा नहीं गया, उसकी मौत हो गई. हमने कुछ पश्चिमी मीडिया द्वारा ईरान में इस संबंध में बनाए गए माहौल को देखा है. यह माहौल निराधार और भ्रामक है. हम देख रहे हैं कि इन पश्चिमी शक्तियों ने ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का उल्लंघन किया है. ईरानी बेटियों की हत्या के लिए पश्चिमी शासन जिम्मेदार है.

भारत दौरे पर आए मंत्री ने कहा कि ईरान ने हाल के विरोध प्रदर्शनों के कारण हुई मौतों की जांच के लिए आंतरिक मंत्रालय के तहत एक पैनल का गठन किया है. उन्होंने बताया कि अमीनी की मौत के बाद से देशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों में अब तक लगभग 50 पुलिस अधिकारी मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हो गए हैं. पश्चिमी शक्तियां अफगानिस्तान, फिलिस्तीन या यमन के लोगों के बारे में बात नहीं करतीं. वो इन कामों की निंदा नहीं करते हैं. इन लोगों के असली हत्यारे कौन हैं?

कई प्रदर्शनकारियों की गई जान, हजारों किए गिरफ्तार
ईरान में नैतिकता के नाम पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महसा अमीनी को पकड़ा था और 16 सितंबर को हिरासत में ही उसकी मौत हो गई थी. ईरान की सरकार ने यह दावा किया है कि अमीनी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया, जबकि अमीनी के परिवार का कहना है कि उसके शरीर पर चोट व पिटाई के निशान थे. अमीनी को हिजाब सही तरीके से न पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. तब से देश में जारी प्रदर्शनों में 350 से ज्यादा लोगों की जान गई है, जबकि हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है. प्रदर्शन को रोकने के लिए ईरानी बलों की ओर से की जा रही कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं.

जयशंकर से हुई कानी की मुलाकात
वहीं बुधवार यानी 23 नवंबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के राजनीतिक मामलों के उप विदेश मंत्री अली बाघेरी कानी से मुलाकात की और ईरान के परमाणु मामलों से संबद्ध समग्र संयुक्त कार्य योजना (जेसीपीओए) सहित द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की. बैठक के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया कि ईरान के राजनीतिक मामलों के उप विदेश मंत्री अली बाकेरी कानी की अगवानी की. उन्होंने कहा कि हमने द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और समग्र संयुक्त कार्य योजना (जेसीपीओए) के बारे में चर्चा की.

ज्ञात हो कि यूक्रेन संघर्ष के कारण उत्पन्न तेल एवं खाद्य संकट सहित वैश्विक परिदृय के बीच ईरान के राजनीतिक मामलों के उप विदेश मंत्री की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है.