logo

स्पेस की दुनिया में नया ‘प्रारंभ’, Vikram-S की सफल लॉन्चिंग, 8 प्वाइंट में जानें खासियत

New 'Prarambh' in the world of space, successful launching of Vikram-S, know the specialty in 8 points

 
New 'Prarambh' in the world of space, successful launching of Vikram-S, know the specialty in 8 points

Mhara Hariyana News:

भारत ने स्पेस के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में आज देश के पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-एस‘ की लॉन्चिंग की गई है. विक्रम-एस रॉकेट को स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी ने तैयार किया है. इस रॉकेट के लॉन्च होने के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की पहली ऐसी प्राइवेट सेक्टर की कंपनी बन गई है, जिसने भारत के स्पेस मिशन में अपना कदम रखा है. ऐसा पहली बार है जब किसी प्राइवेट कंपनी को स्पेस प्रोग्राम में अपना हुनर आजमाने का मौका मिला है. अब तक स्पेस मिशन पर सरकारी स्वामित्व वाले ISRO का प्रभुत्व था. विक्रम-एस मिशन का नाम ‘प्रारंभ’ रखा गया है. जबकि रॉकेट का नाम भारतीय स्पेस प्रोग्राम के जनक और साइंटिस्ट विक्रम साराभाई के नाम पर पड़ा है.


Vikram-S रॉकेट ने शुक्रवार को श्रीहरिकोटा में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी ISRO के सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरी. INSPACe के प्रमुख पवन गोयनका ने बताया कि भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट मिशन सफल रहा है.
‘विक्रम-एस’ रॉकेट तीन सैटेलाइट्स को लेकर अंतरिक्ष यान से रवाना हुआ है. ये रॉकेट 6 मीटर लंबा है और इसका नाम अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है. ये आज सुबह करीब 11 बजे श्रीहरिकोटा के स्पेस सेंटर से रवाना हुआ.
INSPACe के अध्यक्ष गोयनका ने कहा कि ये भारत के प्राइवेट सेक्टर के लिए नई शुरूआत है, जो अंतरिक्ष के क्षेत्र में कदम रखने जा रहे हैं. ये एक ऐतिहासिक पल है. वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ये भारत के स्पेस इकोसिस्टम को विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने आगे कहा कि यह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ है.’
एक नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में Vikram-S मिशन को ‘प्रारंभ’ नाम दिया गया है. विक्रम-एस ने चेन्नई के स्टार्ट-अप ‘स्पेस किड्ज’, आंध्र प्रदेश के स्टार्ट-अप ‘एन-स्पेस टेक’ और आर्मेनियाई स्टार्ट-अप ‘बाजूमक्यू स्पेस रिसर्च लैब’ सैटेलाइट्स को लेकर अंतरिक्ष में उड़ान भरी.
स्काईरूट एयरोस्पेस स्टार्ट अप ने ISRO और IN-SPACe के सपोर्ट से हैदराबाद में विक्रम-एस रॉकेट का निर्माण किया है. रॉकेट स्पेस में दो भारतीय और एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के पेलोड को ले गया है.
भारतीय अंतरिक्ष नियामक इन-स्पेस ने बुधवार को स्काईरूट के विक्रम-एस उप-कक्षीय यान के प्रक्षेपण को ऑथोराइज किया था. इसके अध्यक्ष पवन गोयनका ने कहा था कि ये मिशन भारत में प्राइवेट सेक्टर के लिए बड़ी छलांग है.
‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ भारत की पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी बन गई है, जिसने सरकार द्वारा अंतरिक्ष उद्योग को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोले जाने के बाद पहली बार भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में कदम रखा है.
‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा बनाए गया ‘विक्रम-एस’ रॉकेट का पहला मिशन सफल रहा है. रॉकेट लॉन्च होने के बाद 89.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा और उसने 121.2 किलोमीटर की दूरी तय की, जैसी कि ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ ने योजना बनाई थी.