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मस्क जो कहते हैं उस पर ध्यान न देकर, जो वो करते हैं उस पर ध्यान दें

Pay attention to what Musk does, not what he says

 
Pay attention to what Musk does, not what he says

Mhara Hariyana News:

ट्विटर के मालिक बनने के साथ मस्क निकले सबसे आगे
उस समय ट्विटर पर मस्क के करीब 50 मिलियन फॉलोअर्स थे. आज, उनके पास 117 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले व्यक्तित्वों में दूसरा नंबर है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के 133 मिलियन फॉलोअर्स हैं. विडंबना यह है कि एक व्यक्ति जिसे एक बार SEC ने आदेश दिया था कि कंपनी के इन-हाउस काउंसिल द्वारा टेस्ला पर उनके ट्वीट्स की जांच की जाए, अब वही व्यक्ति “चीफ ट्वीट” है, यानी ट्विटर का मालिक.

लेकिन जिस आदमी को मैं एक बार एक जीनियस मानता था, वह आज एक अलग व्यक्ति दिख रहा है – एक “जीनियस जंकी”. एक आदमी, जिसने दुनिया के किसी भी व्यक्ति की तुलना में ज्यादा पैसा कमाया हो, वह अपने अगले बड़े ‘लक्ष्य’ को खोजने के लिए निकला है और ट्विटर के मालिक के रूप में उसे ‘परमानंद’ मिला है. आज 117 मिलियन फॉलोअर्स के साथ मस्क सिर्फ एक प्रभावशाली व्यक्ति से कहीं अधिक हैं. वह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण न्यूज प्लेटफार्म पर एक अहम वक्ता हैं.

किसी पूर्व राष्ट्रपति को ट्विटर पर वापस आने की अनुमति देने में सक्षम होने की तुलना 200 बिलियन डॉलर की संपत्ति से नहीं की जा सकती. या यहां तक कि 2024 में अमेरिकी चुनावों में चीजें कैसे प्रभावित होती हैं, इस पर भी वह अपनी राय रख सकते हैं. मस्क अब केवल दुनिया के सबसे अमीर व्यवसायी नहीं हैं, बल्कि दुनिया क्या सोचेगी और क्या कहेगी, वे इसके भी गेटकीपर हैं.

मस्क ने क्यों खरीदा ट्विटर?
मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण क्यों किया, उनके मुताबिक, “क्योंकि सभ्यता के भविष्य के लिए एक आम डिजिटल चौक होना महत्वपूर्ण है, जहां हिंसा का सहारा लिए बिना स्वस्थ तरीके से मतों या मान्यताओं पर बहस की जा सकती है. मौजूदा समय में बड़ा खतरा है कि सोशल मीडिया धुर-दक्षिणपंथी और धुर-वामपंथी सोच में बिखर जाएगा, जो ज्यादा नफरत पैदा करते हैं और हमारे समाज को विभाजित करते हैं”. बेझिझक यह एक महान उद्देश्य हैं. लेकिन खतरा इस बात में है कि मस्क खुद को दुनिया में एकमात्र ऐसे व्यक्ति के रूप में कल्पना कर रहे हैं, जो इसे ठीक कर सकता है. अगर सैन फ्रांसिस्को में ट्विटर मुख्यालय में उनके पहले कुछ हफ्ते को देखें, तो इस बात पर विचार करने के लिए बहुत कुछ है कि उनके नेतृत्व में ट्विटर कैसा आकार लेगा.

वे ट्विटर में किचन सिंक लेकर पहुंचे (ट्वीट करते हुए, “लेट थैंक सिंक इन”) और मिलने का कोई अवसर दिए कई लोगों को नौकरी से निकाल दिया. फिर उन्होंने एक विचित्र ईमेल लिखा, जिसमें इंजीनियरों से पूछा गया कि उनके “कोड कमांड ने क्या हासिल किया है”, वह भी “कोड की सबसे प्रमुख पंक्तियों” के स्क्रीनशॉट के साथ. मस्क की हरकतों की वजह से, जिसमें कर्मचारियों को यह बताना शामिल था कि उन्हें “बेहद जुझारू” होने और “कार्यालय में लंबे समय तक काम करने या फिर नौकरी छोड़ने” की जरूरत है. ट्विटर उनके द्वारा लाए गए सिंक की तुलना में काफी तेजी से डूब रहा है.

क्या एलन मस्क इंटरनेट पर एक सभ्य सार्वजनिक चर्चा के लिए मानवता के अधिकार को बचाने वाले व्यक्ति हैं? अभी तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है. 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद मस्क ने नाटकीय रूप से घोषणा की थी कि “The bird is freed यानी पक्षी आजाद हो गया है”. लेकिन यह किससे आजाद हुआ? क्या यह ट्रोलिंग, गाली-गलौज, गलत सूचना और छल-कपट से आजाद हो गया है. अगर मस्क केवल वेरिफाइड यूजर्स के साथ एक मॉडरेट प्लेटफॉर्म के बजाय ट्विटर को “सभी के लिए फ्री” डिजिटल चौक बनाने का इरादा रखते हैं, तो भगवान हमें बचाए.

मस्क के लिए क्या है फ्री स्पीच का मतलब?
अब तक, मस्क के लिए फ्री स्पीच का मतलब केवल उस मॉडरेशन की मात्रा को कम करना है, जो ट्विटर करता है. लेकिन मौलिक कारण को ठीक किए बिना मॉडरेशन में कटौती करना सोशल मीडिया को और भी बदतर बना देगा. पेड ब्लू टिक, जिसे कि मस्क ने तुरंत लॉन्च किया, ट्विटर पर सभ्यता लाने के लिए कोई रामबाण इलाज नहीं है. अगर मस्क ट्विटर की सफाई करना चाहते हैं और वे विचारों और बहस के लिए जगह बनाने के बारे में गंभीर हैं, तो उन्हें ट्विटर यूजर्स के लिए केवाईसी की जरूरत पर जोर देना चाहिए.

मैं कल्पना कर सकता हूं कि यह सुझाव फ्री-स्पीच के तरफदारों को नाराज कर देगा. वे कहेंगे कि अभिव्यक्ति की आजादी के लिए निजता यानी प्राइवेसी बेहद जरूरी है. मैं आंशिक रूप से इस पर सहमत भी हूं. अगर निजता से उनका मतलब कुछ ऐसा है, जो ट्विटर पर गाली देने वाले को दंड से मुक्ति का लाइसेंस देता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है. बिना किसी जवाबदेही के किसी को भी पूर्ण आजादी नहीं मिलनी चाहिए. इसके अलावा, जहां इसकी जरूरत होती है (जैसे व्हिसलब्लोअर के मामले में) टेक्नोलॉजी अब हमें यूजर्स को छुपाने के लिए पर्याप्त साधन देती है. लेकिन ट्विटर को हर समय अपने सभी यूजर्स की वास्तविक पहचान पता होनी चाहिए, जिससे गंभीर या बार-बार उल्लंघन करने वालों को प्रभावी ढंग से दंडित किया जा सके. यह चौंकाने वाला लगता है कि ट्विटर को असली यूजर्स का पता होना चाहिए.

ऐसा नहीं होना चाहिए. गूगल से लेकर एप्पल और मेटा तक, तकनीकी दिग्गजों के पास पहले से ही अपने लगभग सभी यूजर्स के बारे में सटीक जानकारी है और वे जानते हैं कि व्यक्तिगत गोपनीयता की रक्षा करना न केवल अच्छी प्रथा है, बल्कि अच्छा व्यवसाय भी है. कीमती उपकरण और सेवाएं देने वाली कंपनी एप्पल के पास ठीक इसी वजह से वफादार यूजर्स हैं.

अगर ट्विटर को स्वस्थ डिजिटल टाउन स्क्वॉयर बनना है, जैसा कि मस्क चाहते हैं, तो सबसे पहले यह होना चाहिए कि मस्क को अपने “गॉड कॉम्प्लेक्स” से बाहर निकलना होगा. उन्हें यह समझना चाहिए कि उसके पास सभी चीजों के जवाब नहीं हैं और एक व्यक्ति की सोच और कल्पना के आधार पर कोई भी चीज कभी नहीं चलेगी. इसके पहले कि वह ट्विटर से ऊब जाएं और नए लक्ष्य की ओर बढ़ें, उन्हें फेल-प्रूफ सिस्टम और प्रोसेस की जरूरत है और सबसे अधिक जरूरी प्रतिभाशाली कर्मचारी, जो उनके विजन को क्रियान्वित कर सकें. मेरे शब्दों को याद रखें, वह दिन जरूर आएगा.