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हस्तियों की जीवनी पढ़ें, उनके विचारों को जीवन में उतारें- ‘अपने नेता को जानें’ कार्यक्रम में PM मोदी

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि महान नेताओं की जयंती पहले भी आती रही है. इस दिन हम कुछ लोग सेंट्रल हॉल में जाते थे, वहां उनसे जुड़े भाषणों को भी सुनने का मौका मिलता था.
 
हस्तियों की जीवनी पढ़ें, उनके विचारों को जीवन में उतारें- ‘अपने नेता को जानें’ कार्यक्रम में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर ‘अपने नेता को जानें’ कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत की. इस दौरान पीएम मोदी ने सभी लोगों को ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ने की सलाह दी, ताकि वह उन चुनौतियों के बारे में जान सकें, जिनका उन्होंने सामना किया और कैसे उन पर विजय प्राप्त की. पीएम मोदी ने संसद के सेंट्रल हॉल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए चुने गए युवाओं के साथ अपने नेता को जानो कार्यक्रम के तहत बातचीत की थी.


प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक यह बातचीत उनके आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं के साथ स्पष्ट रूप से और खुलकर बातचीत की.

ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ें- पीएम मोदी
बयान के मुताबिक, ‘उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नेताजी ने अपने जीवन में किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उन्होंने इन चुनौतियों से कैसे पार पाई, यह जानने के लिए उन्हें ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए.’

देश के प्रधानमंत्री से मिलने और संसद के सेंट्रल हॉल में बैठने का अनूठा अवसर मिलने पर युवाओं ने अपना उत्साह भी साझा किया. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से इतने सारे लोगों के आने से उन्हें यह भी समझने का मौका मिला है कि विविधता में एकता क्या होती है.


देश भर से चुने गए थे 80 युवा
इन 80 युवाओं को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में संसद में पुष्पांजलि समारोह में भाग लेने के लिए देश भर से चुना गया था. पीएमओ ने कहा कि एक विस्तृत, उद्देश्यपूर्ण और योग्यता आधारित प्रक्रिया, जिला और राज्य स्तर पर भाषण प्रतियोगिता और नेताजी के जीवन और योगदान पर प्रतियोगिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों से चयन के माध्यम से इन युवाओं का चयन किया गया. इनमें से 31 लोगों को संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में नेताजी के योगदान पर बोलने का अवसर भी मिला.