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World Cup में दागा मैच जिताऊ गोल, फिर भी नहीं मनाया जश्न, खास है इस खिलाड़ी की कहानी

Scored a match-winning goal in the World Cup, yet did not celebrate, the story of this player is special
 
Scored a match-winning goal in the World Cup, yet did not celebrate, the story of this player is special

Mhara Hariyana News:

फुटबॉल विश्व कप में खेलने का मौका मिलना, फिर टूर्नामेंट में अपनी टीम के पहले ही मैच में गोल करना. वो गोल, जो आखिरकार 90 मिनट के मुकाबले में इकलौता गोल था और निर्णायक साबित हुआ. इसके बावजूद उस गोल के स्कोरर ने उसका जश्न नहीं मनाया. स्विट्जरलैंड के स्ट्राइकर ब्रील एमबोलो फिलहाल इसी कारण चर्चा में हैं. कैमरून के खिलाफ विश्व कप के मुकाबले में गोल कर टीम को जिताने वाले एमबोलो ने अपने इस कमाल का जश्न नहीं मनाया और इसकी वजह कैमरून से उनका खास रिश्ता है.


फुटबॉल की दुनिया की खासियत या खूबसूरती ही ये है कि कई खिलाड़ी अपने मूल देश की जगह उस देश के लिए खेलते दिखते हैं, जिसने उन्हें अपनाया है. लैटिन अमेरिकी, यूरोपियन और अफ्रीकी देशों के मामले में ऐसा खूब दिखता है. फ्रांस एक बड़ा उदाहरण है, जिसमें कई अफ्रीकी मूल के खिलाड़ी खेलते हैं. इसी तरह का मामला है ब्रील एमबोलो का.

मैच जिताऊ गोल, फिर भी नहीं जश्न
25 साल के एमबोलो ने गुरुवार 24 नवंबर को कैमरून के खिलाफ मैच के 48वें मिनट में एक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई. इस गोल के बाद पूरी स्विज टीम जश्न में डूब गई, जबकि एमबोलो दर्शकों की ओर देखते हुए सीधे खड़े हो गए और दोनों हाथ हवा में उठा दिए, जैसे कि अपने इस काम के लिए माफी मांग रहे हों.इसके बाद सारी कहानी निकलकर आई.

5 साल में छोड़ा अपना घर-देश
असल में एमबोलो ने कैमरून के सम्मान में गोल को सेलिब्रेट नहीं किया. ऐसा इसलिए क्योंकि असल में एमबोलो की बुनियाद इस अफ्रीकी देश से ही जुड़ी है. असल में एमबोलो मूल रूप से कैमरून के ही हैं. उनका जन्म कैमरून की राजधानी याओउंडे में 1997 में हुआ था. हालांकि, जब वह सिर्फ 5 साल के थे, तो उनके माता-पिता अलग हो गए थे और ऐसे में उनकी मां उन्हें लेकर फ्रांस चली गई थी. यहां उनकी मां की मुलाकात एक स्विस शख्स से हुई, जिसके साथ उन्होंने शादी कर ली. एक साल बाद ही पूरा परिवार स्विट्जरलैंड के शहर बासेल चला गया.