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जैविक खेती को बढ़ावा देकर देश को जहर मुक्त करना मुख्य मकसद : पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ​​​​​​​

The main objective is to make the country poison-free by promoting organic farming: Revered Guru Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan

 
The main objective is to make the country poison-free by promoting organic farming: Revered Guru Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan

Mhara Hariyana News:

बरनावा। जैविक खेती को बढ़ावा देकर देश को जहर मुक्त करना हमारा मुख्य मकसद है। जहर मुक्त खेती को लेकर हम लगातार प्रयासरत है। क्योंकि अगर समाज से हर तरह का जहर खत्म हो जाए तो सारा समाज स्वस्थ रह सकता है। यही हमारी रामजी से प्रार्थना है।  जैविक खाद, हरी खाद, केंचुए की खाद और फसलों में कैसे कैसे स्प्रे करनी है, उसके बारे में भी हम समय-समय पर बताते रहते है। यह विचार पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के जिला बागपत स्थित शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा में आॅनलाइन गुरुकुल से जुड़ी देश-विदेश की साध-संगत को संबोधित करते हुए फरमाए। इस दौरान पूज्य गुुरु जी ने आॅनलाइन देशभर से जुड़े गणमान्यजनों और प्रबुद्ध  नागरिकों से नशे रूपी दानव को मिलकर जड़ से उखाड़ फैंकने का आह्वान किया। पूज्य गुरु जी ने डेप्थ मुहिम के तहत नामचर्चा घर हाटा, कैमूर (बिहार),  हैप्पी मैरिज गार्डन, नर्मदापुरम, होशंगाबाद (मध्यप्रदेश), कृषि उपज मंडी समिति का मैदान, धानोरा (महाराष्ट्र), गौरी गार्डन, अस्मोली संभल (उत्तर प्रदेश), सागर गैस्ट हाउस, शंकरगढ़ प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), केसरगढ़ पैलेस, टिब्बी हनुमानगढ़ (राजस्थान), राधाकृष्ण मैरिज पैलेस महेन्द्रगढ़ (हरियाणा) व नई अनाजमंडी असंध करनाल (हरियाणा) में लाखों
लोगों को नशा सहित अन्य सामाजिक बुराइयों से छुटकारा दिलाया और लोगों को प्रभु परमात्मा का नाम लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान अनेक जगहों पर डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत ने सार्इं बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार महीने की खुशी में सैंकड़ों लोगों को कंबल बांटे गए।

- कीट पतंगें भी ना मरे यही हमारा मकसद

पूज्य गुरु जी ने जैविक खेती के बारे में बताते हुए कहा कि डेरा सच्चा सौदा के सिरसा आश्रम में जैविक खाद का एक मॉडल बनाया हुआ है। जहां 100 एकड़ जमीन पर प्यौर आॅर्गेनिक खेती की जाती है। आश्रम में आस-पास के किसान आते रहते है। जिन्हें जहर मुक्त खेती के बारे में समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है। किसानों को प्रशिक्षण के दौरान फसलों में किस समय कौन सी फसल पर कौन सी स्प्रे की जाती है, के बारे में जानकारी दी जाती है। आश्रम में गोमूत्र, आक, नीम की निमोली, त्रिफला व आंवला की स्प्रे तैयार की जाती है। ताकि फसलों-सब्जियों पर जो किट-पतंग होती वो मेरे ना और फसल से उड जाए। पूज्य गुरु जी ने कहा कि हमारा मकसद किट-पतंगों को बचाना है। पूज्य गुरु जी ने साथ ही कहा कि जिन सब्जियों ये स्प्रे की जाती है तो उन सब्जियों को दूसरे दिन तोड़कर भी खा सकते है। इससे इंसान को कोई नुकसान भी नहीं होता। इसलिए सभी मिलकर इस देश को जहर से मुक्त करने के लिए काम करें। नशा भी एक हिसाब से जहर है।  हर तरह का जहर समाज से खत्म हो जाए, यही हमारा उद्देश्य है और यही हमारी रामजी से प्रार्थना है। हाथ वाली आटा चक्की के बारे में बोलते हुए पूज्य गुरु जी ने कहा कि आज हमें पुरातन चीजों को संभाल के रखना चाहिए और साध-संगत आज भी इन्हें संजो के रख रही है। जोकि बहुत अच्छा लगता है। क्योंकि पुरातन समय में लोग ताजा आटा पीसकर खाते थे। उसका मजा और ताकत ही अलग होती थी।

- डेप्थ मुहिम के आ रहे सकारात्मक परिणाम
 
पूज्य गुरु जी ने डेरा सच्चा सौदा द्वारा शुरू की गई डेप्थ मुहिम के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि हम यही चाहते है समाज से नशा खत्म हो और समाज से नशा खत्म करने के लिए ही  डेप्थ मुहिम शुरू की है। इसके लिए ही उन्होंने जागो दुनिया दे लोको भजन भी निकाला है। हम भजन के माध्यम से भी नशे को खत्म करने के लिए जोर लगा रहे है। इसे देश-विदेश में बहुत पंसद भी किया जा रहा है। हम साध-संगत से आह्वान करते है कि जो मुहिम के तहत नशा छोड़कर जाते है वो उनको फोलो करें। राम नाम के समाज में जितने लोग बढ़ेगे उतना ही जल्दी नशा खत्म होगा। इसलिए नौजवान पीढ़ी मिलकर नशों को भगाने के लिए जोर लगाए। पूज्य गुरु जी ने कहा कि नशा पूरे देश की समस्या है। जिससे पूरा देश बर्बाद हो रहा है। अगर पूरा समाज मिलकर चलेगा तो जल्द ही समाज से इस गंदगी को खत्म किया जा सकता है।  इसलिए सभी नशे रूपी दानव को भगाने का संकल्प लें। पूज्य गुरु जी ने कहा कि हमने सभी धर्मों के जो भी पवित्र ग्रंथ हैं उनकी रिसर्च की है। सभी धर्मो में नशे करने को मना किया गया है। साथ ही पूज्य गुरु जी ने कहा कि अच्छा लगता है जब सारा समाज एक प्लेटफॉर्म पर आता है तो ही हम समाज में से गंदी बुराई को निकाल पाएंगे। नशा हमारे छोटे-छोटे बच्चों को बर्बाद करने पर तुला हुआ है। डेप्थ मुहिम के तहत हमा सब ने मिलकर इस गंदगी को मिटाना है। साथ ही पूज्य गुरु जी ने खिलाड़ियों खेल संबंधी टिप्स देते हुए फरमाया कि खिलाड़ियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करके चलना चाहिए और खेल से पहले टैंशन बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिए। पूज्य गुरु जी ने कहा कि खिलाड़ी को सदा पॉजिटिव रहना चाहिए और उसका निशाना गोल्ड पर होना चाहिए।  

-  भजन को सुनकर नौजवान ने चिट्टे से की तौबा

पूज्य गुरु जी द्वारा नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए शुरू किए गए डेप्थ मुहिम व जागो दुनिया दे लोको भजन के साकारात्क परिणाम सामने आने लगे है। लोग भजन को सुनकर चिट्टे जैसे नशे से तौबा कर रहे है। शुक्रवार को राजस्थान के टिब्बी कस्बे के आॅनलाइन गुरुकुल कार्यक्रम के दौरान सेवादारों ने बताया कि उनके नजदीकी गांव पन्नीवाला निवासी 25 साल का नौजवान जो रोजाना 6 से 7 हजार का चिट्टा लेता था। वह जागो दुनिया दे लोको भजन सुनकर चिट्टे नशे का छोड़ गया है। सेवादारों ने बताया कि नौजवान ने जिस दिन शब्द रिलिज हुआ उसको सुना और उसी दिन रो-रो चिट्टे से दूर होने का संकल्प कर लिया। उसके बाद आजतक बिल्कुल भी नशा नहीं किया। पूज्य गुरु जी ने नौजवान की प्रशंसा करते हुए कहा कि शाबाश बेटा शाबाश। अब तूने इसके नजदीक नहीं जाना। अब तू बिल्कुल तंदुरुस्त है। खाना खाना हिम्मत से जिससे तेरा शरीर मजबूत हो जाएगा। पूज्य गुरु जी ने कहा कि हमें ऐसे नौजवानों पर गर्व है। जो गलती से नशा करने लग गए लेकिन अब आप इसे छोड़ रहे हो वह बहुत बड़ी बात है।
इसीलिए हमने भजन बनाया है। उससे रोजाना लोग नशा छोड़ रहे है। वहीं पूज्य गुरु जी ने सुख दुआ समाज से भी आह्वान किया कि वो जो बजाते है उसमें लोगों को नशा छुड़ाने के लिए प्रेरित करें।

- भजन नौजवानों को अंदर से नशों से दूर होने की दे रहा प्रेरणा
 
जागो दुनिया दें लोकों भजन के 10 मिलीयन व्यूज होने पर पूज्य गुरू जी ने कहा कि हमारा मुख्य मकसद भी यही था कि हर कोई इस शब्द को सुने। शब्द को सुनकर लोग नशा छोड़ रहे है। इससे हमे हमारा नशा छुड़ाने महिम का मकसद हल होता दिख रहा है। भजन से नौजवान बच्चों के अंदर नशो से दूर होने की प्रेरणा जाग रही है। पूज्य गुरु जी ने कहा कि जवानी जिस तरफ लग जाती है, उस तरफ तुफान खड़ा कर देती है। अगर नौजवान नशा छोड़ने और छुड़वाने पर आ गए तो हो नहीं सकता कि नशा ना छूटे।