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पोलियो वायरस का नया मरीज मिलने पर पूरे देश में हड़कंप जाने क्या है भारत का हाल
पोलियो का नया वायरस मिलने से इस सुपरपावर देश में हड़कंप, इमरजेंसी के ऐलान के साथ वैक्सीनेशन फिर शुरू, जानें भारत में क्या है स्थिति
 
भारत में पैर पसार रहा है पोलियोवायरस

Mhara Hariyana News: पोलियो का नया वायरस मिलने से इस सुपरपावर देश में हड़कंप, इमरजेंसी के ऐलान के साथ वैक्सीनेशन फिर शुरू, जानें भारत में क्या है स्थिति
अमरीकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमरीका के न्यूयॉर्क में गंदे पानी में पोलियो वायरस पाए जाने के बाद स्टेट इमरजेंसी घोषित कर दिया गया है। यह फैसला टीकाकरण की दर बढ़ाने के लिए लिया गया है।

हालांकि दुनिया के कुछ हिस्सों में अभी भी सावधानी बरती जा रही है। इसी बीच अमेरिका के न्यूयॉर्क से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पोलियो का नया वायरस मिलने से हड़कंप मच गया है। जांच के बाद सरकार ने न्यूयॉर्क ने इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है।

स्टेट इमरजेंसी घोषित कर दिया गया
दरअसल, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के न्यूयॉर्क (Newyork) में गंदे पानी में पोलियो वायरस (
polio virus) पाए जाने के बाद स्टेट इमरजेंसी घोषित (Emergency declared) कर दिया गया है। बताया गया है कि फैसला टीकाकरण की दर बढ़ाने के लिए लिया गया है।

राज्य के कुछ हिस्सों में पोलियो टीकाकरण का रेट (polio vaccination rate) काफी कम है। इसके साथ ही पोलियो वायरस के सैंपल और पोलियो के मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को बूस्टर खुराक देने का निर्देश है।


नाली के पानी में पाया गया वायरस (Virus found in drain water)
चौंकाने वाली बात यह भी है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पोलियो वायरस (polio virus)  न्यूयॉर्क ( new york ) के लॉन्ग आइलैंड की नसाउ काउंटी की एक नाली के पानी में पाया गया है। हालांकि यह वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति से आया है या नहीं, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है।

स्वास्थ्य कमिश्नर मेरी बैसेट ने कहा कि पोलियो को लेकर हम कोई मौका नहीं ले सकते हैं। अगर आपको या आपके बच्चे को वैक्सीन नहीं लगी है या सभी खुराकें नहीं लगी हैं तो इस पैरालाइटिक बीमारी का खतरा है।

टीकाकरण को युद्ध स्तर पर चलाने के आदेश
वहीं न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने न्यूयॉर्क के पोलियो टीकाकरण की प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर चलाने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से कहा गया है कि पोलियो वायरस के यह केस काफी घातक साबित हो सकते हैं।

अगर अभी लापरवाही की जाती है तो आने वाले दिनों में यह भी संभव है कि लोगों की मौत भी हो सकती है।

बता दें कि पोलियो वायरस सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करता है। इसे सिर्फ वैक्सीन की मदद से ही कंट्रोल किया जा सकता है। फिलहाल न्यूयॉर्क स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि हालांकि अभी तक सिर्फ एक ही मामला दर्ज किया गया है, लेकिन इस पार काम शुरू हो गया है।


जुलाई में मिला एक पोलियो पीड़ित मरीज (A polio patient found in July)
जुलाई में न्यूयॉर्क की रॉकलैंड काउंटी में एक अशिक्षित वयस्क के पोलियो की चपेट में आने और पक्षाघात से पीड़ित होने के बाद से न्यूयॉर्क ने क्षेत्र में अपशिष्ट जल की निगरानी शुरू की थी। बता दें पोलियो वायरस को पूरी दुनिया में समाप्त माना चुका है।

अमरीका में भी लगभग एक दशक में पोलियो का पहला ज्ञात संक्रमण मिलना बताया जा रहा है।

बढ़ेगा टीकाकरण (vaccination will increase)
आपातकालीन घोषणा उन क्षेत्रों में टीकाकरण दर को बढ़ावा देने के प्रयास में फार्मासिस्ट, दाइयों और ईएमएस श्रमिकों को शामिल करने के लिए टीका प्रशासकों के नेटवर्क का विस्तार करेगी जहां यह कम हो गया है।


भारत में खत्म हो चुका वाइल्ड पोलियो वायरस  (wild polio virus) पर पड़ोसी देश हैं खतरा: डॉ गिरीश
बात करें भारत की तो, भारत में वाइल्ड पोलियो वायरस खत्म हो चुका है। हेल्थ हॉस्पिटल, जयपुर के निदेशक डॉ. गिरीश शर्मा ने बताया कि अमरीका में नाले के पानी में जो वायरस मिला है पोलियो का, वो वाइल्ड वायरस ही है।

बड़े पैमाने पर संक्रमण के लिए जिम्मेदार वाइल्ड पोलियो वायरस ही होता है। रही बात वैक्सीनेशन की तो, भारत में फिलहाल दो तरीके के वैक्सीन पोलियो के लिए दिए जा रहे हैं। एक ओरल पोलियो वैक्सीन और दूसरी इंजेक्टेबल पोलियो वैक्सीन।

डॉ. शर्मा ने बताया कि इंजेक्टेबल पोलियो वैक्सीन में मरा हुए वायरस की अंश होता है, जबकि ओरल पोलियो वायरस में नियंत्रित मात्रा में लाइव पोलियो वायरस होता है। इसलिए भारत में इस बात की आशंका जरूर बनी हुई है कि कहीं कोई लाखों में किसी बच्चे को वैक्सीन से ही पोलियो न हो जाए।

इसलिए भारत में अब ओरल से धीरे-धीरे इंजेक्टेबल पोलियो वैक्सीन को तवज्जो दी जा रही है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि पर बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन में ओरल वैक्सीन ही देना आसान होता है और ये काफी सस्ती भी है और इसने भारत को पोलियो से मुक्त कराने में बड़ी भूमिका भी निभाई है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान समेत कुछेक अफ्रीकी देश हैं, जहाँ अब तक पोलियो वायरस का खात्मा नहीं हुआ है। इसलिए भारत में फिलहाल ओरल पोलियो वैक्सीनेशन को खत्म नहीं किया जा सकता।

टाइप-2 पोलियो वायरस (type 2 polio virus)  का खतरा बरकरार, पोलियो वैक्सीनेशन (polio vaccination) में सुधार: डॉ. पाटनी
वहीं, लाइफ केयर हॉस्पिटल, जयपुर के निदेशक डॉ. तरुण पाटनी का कहना है कि भारत में बच्चों को जन्म के 15 दिन के भीतर ओरल पोलियो वैक्सीनेशन दे दी जाती है।

फिर इसके बाद 6 सप्ताह, 10 सप्ताह और 14 सप्ताह पर ओरल वैक्सीन की तीन डोज और दी जाती हैं। लगभग 6 वीक के बाद से इंजेक्टेबल वैक्सीन की दो डोज दी जाती हैं। पर टाइप-2 पोलियो वायरस से 100 प्रतिशत सुरक्षा 2 डोज से नहीं मिलती है। इसलिए भारत सरकार को इनकी मात्रा तीन करना चाहिए।