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4 बाइक सवारों को रौंदकर निकल गई अमृतपाल की गाड़ी, पुलिस के डर से बार-बार बदल रहा लोकेशन

Amritpal's car left after trampling 4 bike riders, the location is changing again and again due to fear of police
 
Amritpal's car left after trampling 4 bike riders, the location is changing again and again due to fear of police


खालिस्तानी समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का चीफ अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस लगातार दबिश दे रही है. कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन किए जा रहे हैं. वो पुलिस की रडार पर है. लगातार अपनी लोकेशन चेंज कर रहा है. अभी जानकारी आई है कि उसकी कार ने चार बाइक सवारों को टक्कर मारी है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका इलाज हो रहा है.


जानकारी मिली है कि अमृतपाल इसी कार से भागा था. उसको डर था पुलिस उसका पीछा कर रही होगी. उसने रास्ते में इन लोगों को टक्कर मारी और वहां से निकल गया. उसने अपनी गाड़ी छोड़ दी थी और दूसरी कार लेकर भागा था. पंजाब पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी थी. जहां पर उनके पिता मिले थे. पुलिस ने पिता से कहा कि बेटे से कहें कि वो सरेंडर कर दे.

पुलिस के हत्थे चढ़ी एक कार
अमृतपाल सिंह एकदम फिल्मों के जैसे काम कर रहा है. जैसे क्रिमिनल पुलिस से बचने के लिए बार-बार लोकेशन बदलते हैं. हर बार नई गाड़ी का प्रयोग करते हैं. इसी तरह वो भी कर रहा है. हालांकि कानून से कब तक बच पाता. एसएसपी जालंधर ग्रामीण स्वर्णदीप सिंह ने जानकारी दी है कि उसके काफिले में एक कार थी. जिसका उपयोग वो करता था. इस कार को जब्त कर लिया गया है. इसमें एक कृपाण, 315 बोर का हथियार और 57 जिंदा कारतूस बरामद हुआ है.


हर तरफ से घिर चुका है अमृतपाल
पंजाब पुलिस ने चारों तरफ से उसे घेर लिया. उसके पास बचने का कोई विकल्प मौजूद नहीं है. पुलिस ने उसके पिता से भी कहा है कि वो जल्द से जल्द उससे कहें कि वो सरेंडर कर दे. हालांकि पिता ने कहा कि उनका बेटा पंजाब के लिए काम कर रहा है. वो यहां के युवाओं को नशे से मुक्त कर रहा है. लेकिन पंजाब सरकार उसके पीछे पड़ी है.

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माहौल खराब करने वालों को नहीं छोड़ेंगे- आईजी रेंज
पंजाब पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद है. लुधियाना में फ्लैग मार्च भी निकाला गया. ये इसलिए किया जा रहा है कि ताकि शहरवासियों को भरोसा दिलाया जा सके कि पुलिस के होते हुए वो बिल्कुल सुरक्षित हैं. जब से ये सब हो रहा है लोग भी डरे हुए हैं. इसकी गंभीरता को आप इसी से अंदाजा लगाइये कि आज रविवार है छुट्टी का दिन है. इसके बाद भी सभी बड़े अधिकारी मौके पर हैं. आईजी रेंज डॉक्टर कौस्तुभ शर्मा खुद फ्लैग मार्च को लीड कर रहे हैं. उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि अगर कोई भी माहौल खराब करेगा तो हम छोड़ेगे नहीं.

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