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सहकारी समितियों में करोड़ों रुपए के गबन में फर्जी ऑडिट तैयार करने के मामलें में ऑडिटर गिरफ्तार

आरोपी फर्जी ऑडिट तैयार करने की एवज में प्रत्येक समिति से करीब डेढ़ से दो लाख रुपए वसूल करता था
 
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 एडीजीपी हिसार मंडल के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण के मार्ग दर्शन में गठित एसआईटी टीम ने कार्रवाई करते हुए वर्ष 2010/11 से वर्ष 2013/14 में पांच समितियों का फर्जी ऑडिट तैयार कर जमाकर्ताओं को करोड़ों रुपए का चूना लगाने के मामलें में जींद जिले में कार्यरत आरोपी ऑडिटर राजेश कुमार को काबू करने में बड़ी सफलता हासिल की है । एसआईटी टीम ने आरोपी ऑडिटर को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है ।

 एसआईटी टीम ने बताया कि ऑडिटर राजेश कुमार की हिसार जिले में पोस्टिंग के दौरान समितियों में करोड़ों के फर्जीवाड़ा में संलिप्ता पाई गई है । आरोपी ऑडिटर राजेश कुमार ने प्रत्येक समिति के ऑडिट की एवज में डेढ़ से दो लाख रुपए लेता था । वहीं फर्जी ऑडिट नोट तैयार करने की एवज में भी 18 से 19 लाख रुपए लेना स्वीकार किया है । आरोपी राजेश कुमार ने दा बैंक स्टाफ कॉपरेटिव,अर्बन एस.ई.टी.सी हिसार में 56 करोड़ 74 लाख 61 हजार रुपए का तथा दा ऑल एम्पलॉयज सहकारी एस.ई.टी.सी समिति हिसार में 25 करोड़ 24 लाख 80 हजार रुपए व जय लक्ष्मी सहकारी एन.ए.टी.सी. समिती हिसार में 16 करोड़ 92 लाख 66 हजार रुपए का का फर्जी  किया था । इस प्रकार कुल 81 करोड़ 99 लाख 42 हजार के गबन में सहयोग करने लिए फर्जी ऑडिट तैयार किया गया । 

गौरतलब है कि इस मामले में एसआईटी टीम ने एआर हिसार सुधीर अहलावत हाल महेंद्रगढ़,एआर फतेहाबाद मानता देवी तथा समिति की क्लर्क बरखा बुटानी व रिकार्ड कीपर कपिल शर्मा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है । इस संबंध में हिसार निवासी एडवोकेट जगबीर सिंह ने इस प्रकरण की शिकायत लोकायुक्त हरियाणा सरकार से की थी । लोकायुक्त हरियाणा सरकार के निर्देश पर इस संबंध में हिसार के शहर व सदर थानों में अभियोग दर्ज कर जांच शुरु की गई थी तथा एडीजीपी हिसार मंडल के निर्देशानुसार जिला के पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था ।