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Breaking News: बैलों की जोड़ी की 1 करोड़ कीमत लगने के बाद भी बेचने का राजी नहीं हुआ किसान

 
Breaking News: बैलों की जोड़ी की 1 करोड़ कीमत लगने के बाद भी बेचने का राजी नहीं हुआ किसान
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New Delhi: तेलंगाना के हुजूरनगर शहर में मालिक सहित सभी लोग उस समय चकित रह गए जब एक ओंगोल बैल की एक जोड़ी को 1 करोड़ रुपये में खरीदा गया. ओंगोल बैल की यह जोड़ी बैल दौड़ और वजन खींचने की प्रतियोगिताओं में भाग लेती है और इनके नाम भीमुडु और अर्जुनुडु हैं. 

इस बैलों का पालन-पोषण 20 साल से सुरेंद्र रेड्डी अपने फार्म हाउस पर कर रहे थे. वह हैदराबाद में एएसपी के पद पर भी पोस्टेड हैं. आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के कोल्लूर मंडल के अनंतराम गांव के मूल निवासी सज्जा सतीश ने एक करोड़ रुपये का भुगतान करके यह जोड़ी खरीदी है.


सुरेंद्र रेड्डी के पास और बैल भी हैं मौजूद-

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुरेंद्र रेड्डी के फार्म हाउस में अभी भी गांडीव, देवुडु गीता, अभिमन्युडु और पार्थ नाम के बैलों की दो जोड़ी हैं. इसके अलावा उनके पास एक बछड़ा भी है. जो जोड़ी एक करोड़ की कीमत पर बेची गई है, वह कम से कम 40 कम्पटीशन में भाग ले चुकी है और 36 बार उसने पहला या दूसरा स्थान हासिल किया है.

सुरेंद्र रेड्डी ने कहा कि ओंगोल बैल की एक जोड़ी अब तक 10 से 20 लाख रुपये के बीच बिकती है. लेकिन भीमुडु और अर्जुनुडु की कीमत ने सबको चौंका दिया है. दरअसल, कम्पटीशन्स में भाग लेने वाले बैलों की चारे सहित विशेष देखभाल के साथ-साथ स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाती है. पौष्टिक मूल्यों वाले चारे में बाजरा, कुलथी दाल, खजूर और सूखे नारियल शामिल हैं.


बैलों की देखरेख में कितना खर्चा आता है-

कम्पटीशन्स के सीजन में ओंगोल बैल की हर एक जोड़ी पर 20,000 से 25,000 रुपये तक का खर्चा आता है. हर एक जोड़ी के लिए एक ट्रेनर रखा जाता है और ऐसे 7 तरह के ट्रेनर्स बैलों को कम्पटीशन की अलग-अलग केटेगरीज के लिए ट्रेन्ड करते हैं. वजन के हिसाब से जोड़ा कम्पटीशन में भाग ले सकता है.


जैसे एक बैल का बछड़ा 10 गज की दौड़ प्रतियोगिता में भाग ले सकता है. जबकि यह उम्र में बड़ी जोड़ी के लिए 200 से 250 मीटर के बीच होती है. वजन खींचने की प्रतियोगिता में एक जोड़ा एक क्विंटल बोल्डर खींच सकता है. इन कम्पटीशन की पुरस्कार राशि 80 हजार से लेकर 1 लाख रुपये के बीच हो सकती है, बाकी यह कम्पटीशन के लेवल पर भी निर्भर करती है.


एक मीडिया चैनल से बात करते हुए, सुरेंद्र रेड्डी ने कहा, “बचपन के दिनों से ही मुझे पशुपालन का शौक रहा है और उन दिनों जब हम 100 से 125 एकड़ में खेती करते थे, तो हमारे साथ ओंगोल बैल के 12 से 15 जोड़े होते थे. जब मैं इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था तब मेरे अंदर पशुपालन के लिए अधिक दिलचस्पी पैदा हुई.''

उन्होंने आगे कहा, “जब पशुपालन की बात आती है तो कोई भी ऐसा महसूस कर सकता है जैसे वह बैल, बछड़ों और गायों के साथ एक अलग दुनिया में आ गया है. इस समय मेरे पास चार जोड़ी बैल हैं. एक करोड़ रुपये में बैल का जोड़ा खरीदने वाला शख्स भी उन्हें कम्पटीशन्स के लिए तैयार करेगा. बैलों के बाजार में पहली बार इतनी बड़ी रकम पाकर मैं चौंक गया था.''