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हत्या से ठीक पहले Shooters ने घटनास्थल पर क्या किया? ... SIT को फुटेज से मिले अहम सबूत

 
हत्या से ठीक पहले Shooters ने घटनास्थल पर क्या किया? ... SIT को फुटेज से मिले अहम सबूत

Mhara Hariyana News, Prayagraj
Aiq-अशरफ हत्याकांड में गिरफ्तार Shooters से जल्द दोबारा पूछताछ हो सकती है। मुकदमे की विवेचना कर रहे विशेष जांच दल (SIT) को चश्मदीदों के बयान से कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो हत्याकांड से जुड़े राज को खोलने में अहम हो सकते हैं। ऐसे में SIT की ओर से जल्द ही इसके लिए अर्जी दी जा सकती है।

SIT इस मामले में अब तक 60 से अधिक लोगों का बयान ले चुकी है। इसके अलावा सीन रीक्रिएशन के साथ ही तीनों Shooters को Police कस्टडी रिमांड पर लेकर भी पूछताछ कर चुकी है। मौके से बरामद हथियारों को भी बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जा चुका है। 

सूत्रों का कहना है कि विवेचना में SIT को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो हत्याकांड से जुड़े राज खोलने में बेहद अहम हो सकते हैं। घटना के CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान से यह साफ हो गया है कि शूटर वारदात से कितनी देर पहले वहां पहुंचे थे। इस दौरान उनकी गतिविधियां क्या थीं, हत्या से ठीक पहले वह क्या करते रहे, इसका भी ब्योरा SIT के पास है। 

ऐसे तमाम साक्ष्य हैं जिनकी पड़ताल की जाए तो हत्याकांड से जुड़े बड़े राज का पर्दाफाश हो सकता है। यही वजह है कि SIT अब दोबारा Shooters से पूछताछ की तैयारी में है। हालांकि इसके लिए उसे कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। सूत्रों का कहना है कि SIT जल्द ही इसके लिए अर्जी भी दे सकती है।

बयानों का फुटेज से कराया जा रहा मिलान
SIT इस मामले में सीबीआई की तर्ज पर विवेचना कर रही है। घटना के जो भी चश्मदीद हैं, उनके बयान में बताई गई एक-एक बातों का मिलान भी वीडियो फुटेज से कराया जा रहा है। अगर बयान और फुटेज में कोई विरोधाभास है तो उसे लेकर भी संबंधित से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि बेहद हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते SIT इस प्रकरण में फूंक-फूंककर कदम रख रही है।

राजू पाल हत्याकांड में इनामी बदमाश अब्दुल कवि पर आरोप तय
प्रयागराज के विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में फरार रहे और एक लाख के इनामी रहे बदमाश अब्दुल कवि के ऊपर आरोप तय कर दिये गए। सीबीआई की विशेष न्यायाधीश कविता मिश्रा ने आरोपी के ऊपर बलवा,हत्या का प्रयास, हत्या, साज़िश रचने और अवैध हथियार रखने के आरोपों में आरोप तय करते हुए गवाहों को तलब किया है।
 
बताते चले राजू पाल हत्याकांड में माफिया Aiq अहमद और अशरफ के साथ ही अन्य आरोपीयो के साथ अब्दुल कवि को भी आरोपी बनाया गया था। 15 जुलाई 2019 को सीबीआई ने विवेचना के बाद आरोपी के ख़िलाफ़ चार्जशीट भेजी थी और कोर्ट ने चार्जशीट पर 30 अगस्त 2019 को संज्ञान लिया था लेकिन आरोपी फरार था लिहाज़ा उसकी पत्रावली अन्य आरोपीयो की पत्रावली से अलग कर दी गई थी।अब्दुल कवि ने गत 5 अप्रैल को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
 
गौरतलब है कि 25 जनवरी, 2005 को इलाहाबाद पश्चिमी से बसपा विधायक रहे राजू पाल की दिन-दहाड़े गोलीबारी में हत्या कर दी गई थी। इस गोलीबारी में देवी पाल व संदीप यादव की भी मौत हुई थी जबकि दो लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने थाना धुमनगंज में इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराकर Aiq व उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद आदिम को नामजद किया था।