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देश को सबसे ज्यादा IAS ऑफिसर देने में कौन सा राज्य टॉप? देखें पूरी लिस्ट

Which state tops in giving maximum IAS officers to the country? see full list
 
देश को सबसे ज्यादा IAS ऑफिसर देने में कौन सा राज्य टॉप? देखें पूरी लिस्ट


हर साल देशभर में बड़ी संख्या में युवा सिविल सर्विस की तैयारी करते हैं. दिल और दिमाग में एक ही मकसद होता है कि उन्हें आईएएस, आईपीएस या आईएफएस बनना है. हालांकि, अधिकतर उम्मीदवारों की पहली प्राथमिकता आमतौर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS ही होती है. लेकिन आपने कभी सोचा है कि किस राज्य से सबसे ज्यादा IAS ऑफिसर निकलते हैं. अब कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने इस बात की जानकारी दी है कि किस राज्य से आने वाले उम्मीदवार सबसे ज्यादा IAS ऑफिसर बनते हैं.


दरअसल, इस साल सिविल सर्विस एग्जाम (CSE-21) में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए 180 प्रत्याशियों का चयन हुआ. इन 180 प्रत्याशियों में से 24 अकेले राजस्थान से रहे. इस तरह राजस्थान देश में सबसे ज्यादा आईएएस अधिकारी तैयार करने वाला प्रदेश रहा है. सिविल सर्वेंट्स के मामले में राजस्थान उत्तर प्रदेश को पछाड़कर पहले पायदान पर आ गया है. इससे पहले, सबसे ज्यादा IAS उत्तर प्रदेश से आते थे. इसकी वजह यूपी की ज्यादा आबादी को बताया जाता रहा है.

IAS के मामले में टॉप 6 राज्य
राज्य                         IAS ऑफिसर्स की संख्या
राजस्थान                         24
उत्तर प्रदेश                     19
दिल्ली                            16
बिहार                           14
महाराष्ट्र                        13
मध्यप्रदेश                    12


एक्सपर्ट्स का कहना है कि Civil Service Exam में बेहतर करने की प्रमुख वजह राजस्थान में मौजूद बेहतरीन कोचिंग सेंटर्स हैं. इसके अलावा, युवाओं के बीच सिविल सर्विस एग्जाम को लेकर बढ़ती जागरूकता भी एक वजह है. राजस्थान में मौजूद कोचिंग सेंटर्स में मिलने वाली सुविधाओं में सुधार हुआ है. स्टूडेंट्स के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मोड में पढ़ाई करने का विकल्प है. अभी तक बेहतरीन कोचिंग सेंटर्स दिल्ली में होते थे, लेकिन अब ये राज्य में भी हैं. अन्य स्टूडेंट्स के क्वालिफाई होने से दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है.

इन वजहों से भी टॉप पर राजस्थान
CSE- 2020 की परीक्षा में ऑल इंडिया लेवल पर 13वें स्थान पर रहे गौरव बुदानिया मौजूदा समय में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सहायक कलेक्टर हैं. उन्होंने चयन के कारक के तौर पर इसे लेकर मिली प्रेरणा, UPSC Exam के पैटर्न में बदलाव, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय में जागरूकता और दिल्ली के कोचिंग सेंटर्स से राजस्थान का नजदीक होना है.

बुदानिया ने बताया, ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवारों के CSE में चुने जाने से भावी उम्मीदवार उनसे प्रेरणा लेने लगे हैं. वर्ष 2020 बैच के आईएएस अधिकारी ने कहा कि राजस्थान में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय की कुल करीब 25 प्रतिशत आबादी है और अन्य राज्यों के मुकाबले यहां इन समुदायों में अधिक जागरूकता है, जिसकी वजह से वे अधिक संख्या में परीक्षा में सम्मलित होते हैं.

4 साल में राजस्थान से निकले 84 IAS ऑफिसर
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के पिछले चार साल के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान ने कुल 84 आईएएस अधिकारी दिए हैं. पिछले तीन साल से यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. UPSC द्वारा वर्ष 2019 में आयोजित परीक्षा में 16 ऐसे उम्मीदवार चयनित हुए, जो राजस्थान के निवासी थे. CSE-2020 की परीक्षा में राजस्थान के 22 उम्मीदवार चुने गए और 2021 में यह संख्या बढ़कर 24 हो गई. सीएसई-2020 की परीक्षा में उत्तर प्रदेश के 30 उम्मीदवारों का चयन बतौर आईएएस अधिकारी हुआ और 22 उम्मीदवारों की इस सेवा में सफलता के साथ राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा.