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30 तक बुजुर्गो,विकलांगों और विधवाओं की पेंशन बनवाए सरकार, नही तो होगा बड़ा आंदोलन - नवीन जयहिन्द
थ्हारा फूफा जिंदा है बारात निकाल कर सुर्खियों में आए नवीन जयहिन्द
 
navin jaihind

Mhara Hariyana News, Sirsa।

बुढ़ापा पेंशन काटे जाने के बाद 102 वर्षीय वृद्ध् की बारात निकाल कर सरकार को थ्हारा फूफा जिंदा है का संदेश देने वाले नवीन जयहिंद सिरसा पहुंचे। जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जिस तरह गांधरा गांव निवासी 102 वर्षीय किंग दादा दुलीचंद को सरकार द्वारा मृत घोषित करके उनकी पेंशन काट दी गयी थी। जब हमने इस मामले को उठाया तो हमे पता चला कि प्रदेश में लगभग 5 लाख बुजुर्ग ऐसे है, जिनकी सरकार द्वारा नाजायज तरीके से पेंशन काटी गयी है। जिसमे विकलांग ओर विधवा महिलाएं भी शामिल है।

जयहिन्द ने कहा इन सबके बाद हमने रोहतक में दादा दुलीचंद की बारात निकाली फिर चंडीगढ़ भी गए। जहां मुख्यमंत्री ने अपनी गलती मानी और विभाग को आदेश दिया कि 15 दिनों के अंदर-अंदर 30 सितम्बर तक पूरे प्रदेश में जहां - जहां ये समस्या है उनका समाधान होना चाहिए। साथ ही जयहिन्द ने कहा अगर सरकार ऐसा नही करती है तो एक बड़ा आंदोलन होगा।

पेंशन सम्बंधित समस्या को लेकर सरकार द्वारा हर जिले में में एक-एक नम्बर जारी किया है। सरकार द्वारा सिरसा जिले के लिए 9466-613-035 नम्बर जारी किया गया। जयहिन्द ने कहा कि अगर आपको कोई पेंशन संबंधित समस्या है तो सरकार द्वारा जारी नंबर पर कॉल करें या डीसी ऑफिस में पेंशन विभाग में जाए ओर अपनी पेंशन चालू करवाएं। अगर यहां भी आपकी किसी प्रकार की सुनवाई नही होती है तो आप हमारे पास 7027-811-811 पर कॉल करके आप अपनी शिकायत बता सकते है। हम आपकी पेंशन बनवाएंगे।

सरकार भी यह मान चुकी है 2 लाख ऐसे व्यक्ति है जिनके साथ इस तरह की नाइंसाफी हुई है। लेकिन अब किंग दादा दुलीचंद के आदेशानुसार हम प्रदेश के हर जिले में जाएंगे।
ताकि ज्यादा से ज्यादा बुजुर्ग, विकलांग ओर विधवा महिलाए अपनी कटी हुई पेंशन दोबारा चालू करवा सके।

जयहिन्द ने बताया सरकार के अनुसार 1 लाख 75 हजार 298 लोगो की पेंशन टेक्निकल गड़बड़ी के कारण रोकी गयी है। फैमिली आईडी में गड़बड़ी के कारण  1 लाख 4 हजार 655 लोगों की पेंशन रोकी गयी है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के डेटा अनुसार 70 हजार 643 लोगो की पेंशन कतई गयी। 14 हजार 691 लोग तो ऐसे है जो जिंदा है लेकिन मरे हुए दिखा रखा है। 18 हजार 581 विधवा महिलाओ के पति जिंदा दिखा रखे है। 34 हजार 703 लोग ऐसे है जिनकी आय शून्य है लेकिन 2 लाख रुपए आय दिखा रखी है। 33 हजार  616 लोगो को एक्ससर्विसमैन दिखा रखा है। 4500 विकलांग ऐसे है जिन्हें बिल्कुल फिट दिखा कर उनकी पेंशन काट दी। 2404 लोगो को सरकारी कर्मचारी दिखाकर उनको सरकारी पेंशन देते है जबकि वे सरकारी कर्मचारी नही है। 2044 लोगो की लाडली पेंशन को रोक दिया गया। जबकि 2 लाख ऐसे व्यक्ति है जो 60 वर्ष से ऊपर है और उनकी पेंशन नही बना रहे।

जयहिन्द ने बताया कि चौधरी देवीलाल ने यह बुढापा पेंशन बुजुर्गो का सम्मान करने के लिए शुरू की थी। ले आज देवीलाल के नाम से वोट लेने वाले बुजुर्गो के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ चुप्पी साधे बैठे हुए है।

नौजवानों को नशेड़ी बनाने के पीछे नेता व सरकार जिम्मेवार

हरियाणा सिरसा जिले में तेजी से बढ़ रहे नशे के प्रकोप के कारण युवा पीढ़ी लगातार इसकी चपेट में आ जान गवा रहे है। जयहिन्द ने बताया सिरसा में इतना ज्यादा नशा फैल रहा है, जिसकी वजह से आए दिन नौजवान युवाओ की मौत हो रही है। इसकी जिम्मेवार यहां के नेता व सरकार है। जयहिन्द ने कहा कि सिरसा में नशा हर जगह बिक रहा है। जो काफी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बढ़ते नशे के कारोबार की वजह से युवा पीढ़ी का भविष्य बरबाद हो रहा है। ऐसे में सरकार को नशे का काला कारोबार करने वालों पर शिकंजा कसना चाहिए और नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ पर सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।

जयहिन्द ने बताया कि प्रदेश में सरकारी काम बहुत ढीले चलते है या कभी -कभी तो सरकार जनता के लिए काम करना बिल्कुल ही भूल जाती है। इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि प्रदेश में 2 साल से एक भी नया राशनकार्ड नही बना है। जिससे गरीब लोग बहुत परेशान है। सरकार व अधिकारियों को आलसीपन छोड़ कर जनता के काम करने चाहिए। जिससे गरीब लोगो को कुछ सुविधाएं मिल सके।

देश में गायो की जगह चीतों को अहमियत दी जा रही है। चीता जिसका भी चाचा हो पर गाय भी हमारी माता है। हमे सबसे पहले हमारी गाय माता की तरफ ध्यान देना चाहिए। जयहिन्द ने कहा कि सब गाय का दूध पीते है, गाय का गौमूत्र व गोबर भी लोगो के लिए काफी लाभदायक है। लेकिन चीते का न तो मूत्र किसी काम का ओर न ही गोबर।


साथ ही जयहिन्द ने कहा खून पीने वाले चीते के लिए तो हिरणों की बाली दी जा रही है। दूध देने वाली गाय माता के लिए कोई इलाज नही। जयहिन्द ने सरकार व इसकी बहुत निंदा की। साथ ही जयहिन्द ने बताया कि बिश्नोई समाज ने पर्यावरण व चीतल हिरण के लिए बहुत बलिदान दिया है। हम सब समाज बिश्नोई समाज के साथ है क्योंकि बिश्नोई समाज बलिदानी व स्वाभिमानी है।