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भाजपा नेता भूपेश मेहता ने बजट को बताया सर्वहितकारी, समावेशी

कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा व महिलाओं के सशक्तिकरण पर दिया बल
 
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सिरसा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश मेहता ने गुरुवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए अंतरिम बजट को सर्वहितकारी बताया।

गुरूवार को जारी बयान में भूपेश मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत किया गया बजट सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत को प्रतिपादित करता नजर आता है जिसमें सभी वर्गों के उत्थान के लिए योजना शामिल है। उन्होंने कहा कि इस मनोहारी बजट में देश को रक्षा क्षेत्र में पहले से भी ज्यादा सबल व आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजना लाई गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर में विकास के लिए सरकार ने 11.1 प्रतिशत ज्यादा खर्च का प्रावधान किया है। साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। इस कड़ी में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के साथ साथ आशा बहनों को भी आयुष्मान योजना का लाभ देने की घोषणा की है। महिलाओं के लिए ब्लू इकोनॉमी 2.0 के तहत नई योजना शुरू करने की घोषणा की गई।

बालिकाओं केस्वास्थ्य पर ध्यान देने के उद्देश्य से 9-14 साल की लड़कियों के टीकाकरण पर विशेष फोकस किया जाएगा। सरकार महिलाओं के सर्वाइकल कैंसर के वैक्सीनेशन पर भी ध्यान देगी। मातृ और शिशु देखरेख की योजनाओं को भी व्यापक कार्यक्रम के अंतर्गत लाया गया। भाजपा नेता भूपेश मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार ने टैक्स रेट में कटौती की है। 7 लाख की आय वालों को कोई कर देय नहीं है। 2025-2026 तक घाटा को और कम किया जाएगा।

सरकार के उठाए कदमों से राजकोषीय घाटा 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 44.90 लाख करोड़ रुपए का खर्च है और 30 लाख करोड़ का रेवेन्यू आने का अनुमान है। भूपेश मेहता ने कहा कि बजट से लक्षित है कि सरकार की प्राथमिकता फस्र्ट डेवलप इंडिया। सरकार के उठाए गए कल्याणकारी कदमों की आहट इसी बात से सुनाई देती है कि 2014-23 के दौरान 596 अरब डॉलर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आया। यह 2005-2014 के दौरान आए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश से दोगुना है।

भाजपा नेता भूपेश मेहता ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार सर्वांगीण और सर्वसमावेशी विकास के लिए काम कर रही है। पीएम मुद्रा योजना के तहत 22.5 लाख करोड़ मूल्य के 43 करोड़ लोन मंजूर किए गए। महिला उद्यमियों को 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण दिए गए। 11.8 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता दी गई। गरीब कल्याण योजना में 34 लाख करोड़ खातों में भेजे गए।