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सीडीएलयू कैरियर एंड काउंसलिंग सेल एंड डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ने किया गो वेगन वेबिनार का आयोजन।

 
सीडीएलयू कैरियर एंड काउंसलिंग सेल एंड डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ने किया गो वेगन वेबिनार का आयोजन।

सिरसा। भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है और यह संस्कृति हमे अनुशासन में रहकर अच्छा जीवन यापन करने के लिए प्रेरित करती है। हमे प्रकृति के साथ अपने जुड़ाव को समझना चाहिए और फास्ट फूड से परहेज करते हुए शाकाहारी भोजन ग्रहण करना चाहिए। ये विचार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अजमेर सिंह मलिक ने यूनिवर्सिटी के कैरियर एंड काउंसलिंग और प्रबंधन विभाग तथा वेगन आउटरीच संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित वेबिनार के प्रतिभागियो को संबोधित करते हुए कहे। कुलपति ने कहा कि हमे अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए और निमियत रूप से व्यायाम आदि करके अपने खानपान का भी ध्यान रखना चाहिए।


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग की चेयरपर्सन प्रो आरती गौड़ ने की और उन्होंने सबसे पहले मुख्य अतिथि तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और वेगन के अर्थ को बताया कि किस प्रकार से हम शाकाहार को अपना कर इस धरती को सुंदर बना सकते हैं। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता अभिषेक दुबे और जयदीप झाला ने अपनी प्रस्तुतिकरण में छात्रों को आजकल के खाने पीने के तौर तरीकों से बढ़ती हुई बीमारियों से बचने के तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने शाकाहार और मांसाहार में तुलना करते हुए मांसाहार के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जैसा की शास्त्रों में वर्णित है कि इस धरती पर सभी को जीवन जीने का अधिकार है और किसी भी इंसान को जीव हत्या का कोई अधिकार नही है तो हमे ज्यादा से ज्यादा शाकाहार को अपनाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में सभी लोग शाकाहार को प्राथमिकता दे। इस पृथ्वी पर सभी जीवों को समान रूप से देखते हुए उनका संरक्षण करने पर भी वेबिनार में जोर दिया गया।  इस वेबीनार में यूनिवर्सिटी से 800 से ज्यादा प्रतिभागियो ने अपना पंजीकरण करवाया। यूनिवर्सिटी के डीन एकेडमिक अफेयर प्रोफेसर सुरेश कुमार गहलावत ने बताया कि एक ह्यूमन बॉडी को कितनी कैलोरी की आवश्यकता होती है और हम कहाँ-कहाँ से इनको ग्रहण कर सकते है।


इस कार्यक्रम में फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ संजू बाला ढुल ने भी वेगन विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। विभाग की प्रोफेसर सुनीता सुखीजा, सचिन शर्मा, समीश खूंगर और डॉ अमित कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। विभाग के सभी प्राध्यापक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।