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मनोहर लाल खट्टर ने किया बड़ा ऐलान, हिसार हवाई अड्डे को मिलेगी इस नई चीज की सौगात

हिसार हवाई अड्डे पर महाराजा अग्रसेन की होगी प्रतिमा स्थापित
 
मनोहर लाल खट्टर ने किया बड़ा ऐलान, हिसार हवाई अड्डे को मिलेगी इस नई चीज की सौगात
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Mhara Hariyana News, News Delhi अग्रोहा धाम की खुदाई व विकसित करने को लेकर एएसआई और पुरातत्व विभाग के बीच हुआ एमओयूहिसार हवाई अड्डे में महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की जाएगी स्थापित दिल्ली हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अग्रोहा में स्थित महाराजा अग्रसेन मैडिकल कालेज में शोध के लिए महाराजा अग्रसेन के नाम पर चेयर और हिसार हवाई अड्डे पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की।

ये घोषणाएं उन्होंने दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हिसार के अग्रोहा में स्थित पुरात्व स्थल को विकसित करने को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और हरियाणा पुरातत्व एवं सग्रहालय विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर अवसर पर की। इस समझौता ज्ञापन पर एएसआई की ओर से महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत और हरियाणा पर्यटन एवं विरासत विभाग के प्रधान सचिव श्री एमडी सिन्हा ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।

हिसार हवाई अड्डे पर महाराजा अग्रसेन की होगी प्रतिमा स्थापित

इस मौके पर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष एवं अग्रोहा विकास परियोजना के चेयरमैन श्री ज्ञानचन्द गुप्ता और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री एवं अग्रोहा विकास परियोजना के को-चेयरमैन डाॅ कमल गुप्ता भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हिसार हवाई अड्डे पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित की जाएगी और यह प्रतिमा समाज के सहयोग से निर्मित होगी। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी के अनुरोध किए बिना भी उन्होंने हिसार में बनाए गए विश्व के सबसे बडे़ हवाई अड्डे का नामकरण महाराजा अग्रसेन के नाम पर किया है। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यताएं मुख्य रूप से नदियों के किनारे विकसित हुई और ऐसे प्रमाण मिले है कि सरस्वती नदी जो आदिबदरी (यमुनानगर) से निकलती है उसका प्रवाह हरियाणा से ही होकर जाता था। 

पहाडो में उत्खनन होने की वजह से नदी का प्रवाह दूसरी नदियों में चला गया होगा, लेकिन सैटेलाइट से ऐसे प्रमाण मिले है कि सरस्वती नदी हरियाणा के आदिबदरी से शुरू होकर राजस्थान, गुजरात होते हुए समुद्र में जाती है। इसी नदी के किनारे कई शहर बसे हुए थे, जिनमे से एक अग्रोहा शहर भी था। वह शहर आज दब गया है और यह शहर व्यापार का केन्द्र होता था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहाबाद का कुनाल, भिरढाना, बनावाली तथा हिसार के राखीगढ़ी भी सरस्वती के किनारे बसे स्थल रहे है। अग्रोहा पुरातत्व की दृष्टि से हमारे लिए महत्वपूर्ण स्थल है, जो दर्शाता है कि हमारी संस्कृति समृद्ध रही है और समाज को ऊंचा उठाने का काम तब भी हुआ है।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह माना जाता है कि पुरातत्व महत्व के स्थल सबसे ज्यादा भारत में है और देश में हरियाणा एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पर एक हजार से अधिक पुरातत्व से संबंधित स्थल हैं।