logo

Haryana News: हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों को दिया बड़ा झटका, अब बिना लिखित परीक्षा के नहीं होगा प्रमोशन

 
Haryana News: हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों को दिया बड़ा झटका, अब बिना लिखित परीक्षा के नहीं होगा प्रमोशन
WhatsApp Group Join Now

Mhara Hariyana News, New Delhi: यदि आप भी हरियाणा प्रदेश में किसी सरकारी पद पर कार्यरत है, तो आज की यह खबर आपके लिए बेहद ही खास होने वाली है, बता दे कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तरफ से सरकारी विभागों में प्रमोशन के लिए लिखित परीक्षा लागू करने की तैयारी कर ली गई है.

हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ग्रुप A, B और सी के पदों पर प्रमोशन के लिए बनी इस पॉलिसी के ड्राफ्ट पर चार विभागों के अलावा किसी भी विभाग ने अपनी सहमति नहीं दी है. इसी वजह से सरकार की तरफ से नाराजगी जाहिर करते हुए सभी विभागों को 15 दिन का समय देते हुए रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.

हरियाणा में प्रमोशन के लिए आपको देनी होगी लिखित परीक्षा

मानव संसाधन विभाग की तरफ से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार 21 दिसंबर 2023 को सभी विभागों को नोटिस जारी कर 15 दिन में सुझाव मांगे गए थे. 2 महीने बाद सिर्फ वास्तुकला/ राज्य चुनाव आयोग/ आपूर्ति एवं निपटान और स्थानीय लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से ही इस पर अपनी टिप्पणी दी गई थी

प्रदेश सरकार ने अब इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी विभागों को ड्राफ्ट पर आपत्तियां या सुझाव देने के लिए 15 दिन का और समय दिया गया है और कहा गया है कि इसके बाद किसी प्रकार की कोई भी टिप्पणी नहीं करने वाले विभागों की  सहमति समझी जाएगी और लिखित परीक्षा के नियम को लागू कर दिया जाएगा.

जल्द किया जा सकता है इस बड़े नियम में बदलाव 
ड्राफ्ट के अनुसार हरियाणा सिविल सेवा नियमावली 2016 और विभागीय सेवा नियमावली में विभागीय परीक्षा पास करने की शर्तें भी जोड़ी जाएंगी. हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अभी तक सरकार की तरफ से निर्धारित शैक्षिक योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर ही कर्मचारियों का प्रमोशन हो रहा था, संबंधित नियम के अनुसार प्रमोशन के लिए 100-100  अंकों की दो परीक्षाओं करवानी अनिवार्य होगा. 

पहली परीक्षा सामान्य प्रशासन पर और दूसरी परीक्षा प्रशासनिक विभाग की तरफ से निर्धारित किए गए सब्जेक्टों पर आधारित होगी. सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों को 50% और एससी व दिव्यांग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 45% अंक हासिल करना अनिवार्य किया गया है.