logo

वंचित किसान कैसे करवाएंगे मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर रिकॉर्ड दर्ज: औलख

How will deprived farmers get my crop done - record on my details: Aulakh
 
How will deprived farmers get my crop done - record on my details: Aulakh


सिरसा। क्षेत्र के विभिन्न गावों में वंचित रह गए अनेक किसानों को पोर्टल पर मेरी फसल मेरा ब्यौरा दर्ज करवाने के लिए दिक्कत हो रही है। किसानों का कहना है कि जब वह सीएससी सेंटर पर जाकर मेरी फसल मेरा ब्यौरा दर्ज करवाने जाते हैं तो कम्प्यूटर की स्क्रीन में पोर्टल पर लिखा आता है कि पंजीकरण की अवधि समाप्त हो गई है, ऐसे भला वंचित किसान कैसे करवाएंगे मेरी फसल मेरा ब्यौरा। इस समस्या को लेकर किसानों ने
बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख से बातचीत कर जानकारी देते हुए समाधान करवाने के लिए अपील की ।

जिसके बाद लखविंद्र सिंह औलख ने किसानों को इस संबंध में आ रही दिक्कत को लेकर कहा कि पिछले दिनों बेमौसमी बरसात, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण देश के कई इलाकों के साथ हरियाणा के जिला सिरसा में किसानों की गेहूं, सरसों, जौ, सब्जियों, बागवानी इत्यादि फसलों का काफी नुकसान हुआ है।

जिसपर हरियाणा के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री के लगातर ब्यान आ रहे हैं कि जिन किसानों की कुदरती आफत के कारण फसलें बर्बाद हुई सरकार की तरफ  से  किसानों को मुआवजा देकर आर्थिक मदद की जाएगी। जिसके लिए किसानों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी फसल का नुकसान अपलोड करने की सलाह दी जा रही है।

सिरसा उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने भी पिछले दिनों समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी दी है कि आगामी 10 अप्रैल तक ऑनलाइन पोर्टल खोल दिए गए हैं,, जिनपर किसान खुद अपनी फसल का पंजीकरण और नुकसान का ब्यौरा भर सकते हैं। लेकिन किसी कारणवंश वंचित रह गए किसानों की फसलों का जब पंजीकरण ही नहीं हो पाया तो भला वे अपनी फसलों के हुए नुकसान, क्षतिपूर्ति का विवरण कैसे दे पाएंगे? इसलिए पंजीकरण पोर्टल भी खुलना आवश्यक है, ताकि आगे की कार्यवाही दर्शाई जा सके। किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि सिरसा डीसी महोदय के ऐलान के बाद भी बहुत से गांवों के किसानों के उनके पास फोन आ रहे हैं कि


इससे पहले फसलों के पंजीकरण करवाने से वंचित रह गए किसानों को फसलों का पंजीकरण करने के लिए
 मेरी फसल-मेरा ब्यौरा का पोर्टल नहीं खुल रहा कहीं साइट व्यस्त रहने के कारण क्षतिपूर्ति पोर्टल भी खुलने में दिक्कत हो जाती है।

औलख ने कहा कि दोनों ऑनलाइन पोर्टल के सही से काम न करने की वजह से किसान अपने नुकसान का ब्यौरा भी नहीं दे पाएंगे और आगे चलकर किसानों को फसल बेचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

जिला प्रशासन को सचेत करते हुए लखविंद्र सिंह ने कहा कि डीसी महोदय प्रभावित क्षेत्रों में क्षति पूर्ति के साथ साथ मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के पोर्टल भी खुलवाए।

उन्होंने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण कराने के बाद भी फसल बेचने के लिए सरकार के आदेशानुसार पटवारियों द्वारा फसल की वेरिफिकेशन की जरूरी पड़ती है। जो पटवारियों की कमी और उनके गिरदावरी में व्यस्त होने के चलते नहीं हो पा रही है।

औलख ने कहा कि या तो फसल की वेरिफिकेशन की अनिवार्यता को हटाया जाए या अन्य अधिकारीयों की ड्यूटी लगाकर जल्द से जल्द फसल की वेरिफिकेशन करवाई जाए, ताकि सरसों की फसल बेचते समय भी किसानों जो दिक्कत आ रही है, वो दिक्कत गेहूं की फसल बेचते समय ना आए।