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सरकार का घमंड तोडऩे की लड़ाई है किसान-मजदूर आक्रोश रैली: दीपेंद्र हुड्डा

 
सरकार का घमंड तोडऩे की लड़ाई है किसान-मजदूर आक्रोश रैली: दीपेंद्र हुड्डा
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सिरसा। पिछले चुनाव में जमना पार का नारा देकर बीजेपी के खिलाफ  वोट मांगने वाले इस बार फिर भेष  बदलकर जनता के पास वोट मांगने आयेंगे। पिछले चुनाव में बीजेपी के खिलाफ  वोट मांगने वाली जेजेपी ने बीजेपी को जमना पार भेजने का नारा देकर सारे वोट खराब कर दिये। क्योंकि बीजेपी के खिलाफ  जो वोट जेजेपी को मिले, अगर वो सब कांग्रेस को मिलते तो 2019 में कांग्रेस की 61 सीटें आती। जनता के मत का सौदा करने वाली जेजेपी लोगों को मूर्ख समझने की गलती न करें। क्योंकि हरियाणा की जनता को पता है कि उसके साथ बड़ा धोखा हुआ है। उक्त बातें राज्य सभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने गांव शहीदांवाली में आयोजित जनसभा में लोगों को 24 दिसंबर को हुडा ग्राऊंड सिरसा में होने वाली रैली का न्यौता देेते हुए कही। जनसभा कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमीर चावला ने की। दीपेंद्र ने कहा कि जेजेपी ने जनमत का सौदा कर जनता से मिले वोट बीजेपी को बेच दिया और भ्रष्टाचार की छूट का समझौता कर लिया। जहां तक इनेलो की बात है, जेजेपी ने तो बीजेपी का समर्थन काउंटिंग के अगले दिन किया, लेकिन इनेलो तो उसी दिन कर देती।

इस चुनाव में हरियाणा की जनता ऐसे सौदेबाजों को करारा जवाब देगी। सांसद ने कहा कि किसान आंदोलन में शहीद 750 किसान-मजदूरों की याद में होने वाली किसान-मजदूर आक्रोश रैली ऐतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर आक्रोश रैली के जरिए इस सरकार को 750 किसानों के बलिदान की याद दिलाते हुए किसानों व सरकार के बीच हुए समझौते को लागू करने के लिए मजबूर करेंगे। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि पहले बीजेपी और अब बीजेपी-जेजेपी सरकार ने साढ़ 9 साल में हरियाणा को विकास की पटरी से उतारने का काम किया है। जो प्रदेश 2014 से पहले कांग्रेस राज में हरियाणा तेजी से आगे बढ़ रहा था और देश में विकास, प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, किसान और खिलाडिय़ों के मान सम्मान में, गरीब कल्याण योजनाओं में देश में सबसे आगे के राज्यों में गिना जाता था, लेकिन अच्छे दिनों के वायदे में सरकार बदली और आज हरियाणा विकास में 17वें नम्बर पर और बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, नशाखोरी में नंबर 1 पर पहुंच गया। देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी आज हरियाणा में है। इस मौके पर अमीर चावला ने कहा कि इस सरकार के अहंकार की मार केवल किसान ही नहीं हर वर्ग पर पड़ी। किसान आंदोलन के समय हर रोज धरनों से किसानों के शव उनके घर पर वापस आते थे।

हर रोज ये सरकार उनकी शहादत का अपमान करती थी। इतना अहंकार कभी किसी सरकार को नहीं हुआ, जैसा इस सरकार को हुआ। उन्होंने कहा कि किसान ही नहीं, पंच-सरपंच, ग्रामीण चौकीदार, आढ़ती, देश के लिए मेडल जीतने वाली खिलाड़ी बेटियों तक को अपमानित किया और उनपर लाठियां बरसाई। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर की रैली इस सरकार के अहंकार को तोडऩे की लड़ाई है। इस अवसर पर डा. केवी सिंह, विधायक शीशपाल केहरवाल, पूर्व सांसद सुशील इंदौरा, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, सुमित बैनीवाल, राज कुमार शर्मा, विशाल वर्मा, गजानंद सोनी, सुधीर हुड्डा, दलीप भुक्कर, अशोक सोनी, कर्ण चावला, पूर्व सरपंच आत्माराम, पंच अशोक भट्टी, अजय भट्टी, ओमप्रकाश, भजनलाल, सोनू, सुरेंद्र, फुमणलाल, पूर्णलाल, विनोद, पंच अनिल, पंच सुंदरलाल, अशोक विनायक, अनमोल कंबोज व व चंद्रमोहन शर्मा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।