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सिरसा में बना उत्तर भारत का सबसे बड़ा शनिदेव मंदिर, शनिदेव के एक साथ 11 स्वरूपों के होंगे दर्शन

बाबो सा महाराज व राम दरबार की भी होगी स्थापित, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर पधारेंगी मंजू बाई सा
 
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सिरसा। नोहरिया बाजार स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर में आयोजित होने वाले मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोरों शोरों से जारी है। सिरसावासियों से सहयोग से 250 वर्ष पुराने मंदिर का जीणोद्धार कर भव्य रूप प्रदान किया गया है। भगवान राम की पावन जन्मस्थली अयोध्या में भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर के लोकार्पण के शुभ मुहूर्त के अवसर पर ही शनिदेव मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 18 से 22 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में श्री बाबो सा भगवान की परम अराधिका मंजू बाई सा विशेष रूप से पधारेंगी। 



यह जानकारी  प्राचीन शनिदेव मंदिर के पुजारी चंद्रमोहन भृगुवंशी ने शुक्रवार को मंदिर प्रांगण में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर दीपक भार्गव, आनंद भार्गव, पंडित डीडी दीक्षित व अन्य मौजूद रहे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंदिर पुजारी ने जीणोद्धार के बाद मंदिर में भगवान शनिदेव जी की कुल 11 प्रतिमाएं मंदिर में विराजमान होंगी। इनमें से 250 वर्ष पुरानी हाथी पर सवार प्रतिमा अद्भूत है। उनके अलावा करीब साढ़े चार फुट ऊंची शिगनापुर शनि शिला तथा नौ वाहनों पर विराजमान शनि जी के स्वरूप हैं। शनि भगवान की ये सभी प्रतिमाएं पश्चिममुखी होंगी, जो अति शुभ फल देने वाली हैं। मंदिर में नव ग्रहों का दरबार भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा बाबो सा भगवान की प्रतिमा तथा राम दरबार का विग्रह भी स्थापित किया जाएगा। मंदिर में हनुमान जी, मां दुर्गा व शिव परिवार के सुंदर स्वरूप विराजमान करवाए जाएंगे। 

पुरातन व नवीन निर्माण शैली का संगम
मंदिर पुजारी ने बताया कि यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा शनि मंदिर होगा, जो बड़े ही अद्भूत व दिव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिर में प्राचीनता व नवीनता का अद्भूत संगम देखने को मिलेगा। मंदिर की निर्माण शैली पुराने भवनों की तरह है और उन पर भव्य तरीके से सजावट की जाएगी। अधिकतर शनि मंदिरों में काले रंग के पत्थर, टाइलें लगाई जाती है परंतु यह पहला मंदिर है जहां लगाई जा रही टाइल्स सफेद रंग की है और कारीगरों के द्वारा कलात्मक डिजाइन में भव्य सजावट की गई है। 

सिरसा में बना बाबो सा भगवान का पहला मंदिर
मंदिर पुजारी चंद्रमोहन भृगुवंशी ने बताया कि मंदिर में बाबो सा भगवान का स्वरूप भी लगाया जाएगा तथा बाबो सा भगवान का सिरसा जिले का यह पहला मंदिर होगा। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर 22 जनवरी को बाबो सा भगवान की परम अराधिका मंजू बाई सा पधारेंगी।


18 से शुरू होगा पूजन
उन्होंने बताया कि 18 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आरंभ होगा, जिनमें प्रतिमाएं स्थापित करवाने वाले यजमान सुबह शाम पूजन करेंगे। चित्रकुट से आए विप्र बंधुओं के द्वारा पूजन करवाया जाएगा। 22 जनवरी तक विभिन्न अनुष्ठान होंगे जिनके माध्यम से मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।  20 जनवरी को मंदिर में प्रात: हवन यज्ञ होगा तथा शाम को श्री सालासर पैदल यात्री संघ के द्वारा भजन संध्या की जाएगी। 21 जनवरी की शाम तीन बजे श्री संकट मोचन महिला संकीर्तन मंडल के द्वारा भजन कीर्तन किया जाएगा। 22 जनवरी को प्रात: 10 बजे से मूर्तियों की विधि विधान से पूजा कर अति शुभ मुहूर्त में सभी विग्रहों को स्थापित किया जाएगा।  तत्पश्चात मंदिर में श्रद्धालुओं में भोजन प्रसाद वितरित किया जाएगा।