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जनसंपर्क अभियान चलाते हुए ग्रामीणों को रैली में पहुंचने का आमंत्रण

 
जनसंपर्क अभियान
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभान मेहता व युवा कांग्रेस नेता राजन मेहता ने 27 जनवरी को सिरसा की अनाजमंडी में होने वाली संदेश रैली को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। इस कड़ी में उन्होंने करीब एक दर्जन गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाते हुए ग्रामीणों को रैली में पहुंचने का आमंत्रण दिया। वीरभान मेहता ने कहा कि इस रैली को लेकर लोगों में उत्साह है। रैली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी सैलजा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव रणदीप सिंह सुर्जेवाला व तोशाम की विधायक किरण चौधरी शिरकत करेंगी। मेहता ने कहा कि इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े एवं कांगे्रस नेता राहुल गांधी के संदेश को जनता के बीच रखा जाएगा तो मौजूदा सरकार की कुनीतियों को भी बतायाा जाएगा। अपने जनसंपर्क अभियान के अंतर्गत वीरभान मेहता व राजन मेहता ने सोमवार को कंगनपुर, बाजेकां, फूलकां, कंवरपुरा, कुसुंबी, जोधकां, मोचीवाला, डिंग मंडी, जबकि मंगलवार को गांव बेगू, नेजिया, अली मोहम्मद, चाडीवाल, साहुवाला, ताजिया, शेरपुरा और कुक्कड़थाना में जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों को रैली के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान उनके साथ सोमनाथ कंबोज, ओम डाबर, सुशांत छाबड़ा, सुभाष मिढ़ा, दलीप नेजिया, जगजीत मान, खजान चंद, धर्मपाल चाडीवाल, जस्सा सिंह, हरीश अनेजा, देव मेहला, मदनलाल व सोम सेतिया मौजूद थे। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वीरभान मेहता ने कहा कि कांग्रेस संदेश यात्रा रैली किसी के लिए फरियाद करने नहीं बल्कि उनके हक की लड़ाई लडऩे निकली है, इस लड़ाई में जीत उन बेरोजगार युवाओं की होगी जिनकी आंखों में अभी भी उम्मीद की किरणें शेष हैं। युवाओं के हक के लिए, महिलाओं के अधिकारों के लिए, अपराध के खात्मे के लिए एवं भ्रष्टाचार मुक्त भारत निर्माण के लिए हमारी आवाज हमेशा मुखर थी, मुखर है एवं मुखर रहेगी। ये यात्रा है नए बदलाव की है। युवा कांगे्रस नेता राजन मेहता ने कहा कि रैलियां राजनीति में बदलाव लाती हंै। ऐसे में रैली में पहुंचकर कांग्रेस का साथ दें और विकास एवं विश्वास में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा वर्ग सबसे अधिक मायूस है। बेरोजगारी के चलते युवा हताशा का शिकार है। आज सिरसा सहित प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उद्योग-धंधों के लिए सरकार कोई प्रयास नहीं कर रही है। इस वजह से निजी क्षेत्र में भी रोजगार नहीं है।