logo

उत्तराखंड: सरकारी Jobs में महिलाओं को 30% आरक्षण, क्या है इसका मतलब, किन्हें होगा फायदा?

Uttarakhand: 30% reservation for women in government jobs, what does this mean, who will benefit?
 
उत्तराखंड: सरकारी Jobs में महिलाओं को 30% आरक्षण, क्या है इसका मतलब, किन्हें होगा फायदा?


Uttarakhand में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी पाना अब पहले की तुलना में आसान होगा. राज्य की सरकारी भर्तियों में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. उत्तराखंड के गवर्नर ने महिलाओं के हित में यह बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने Govt Jobs में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के विधेयक को मंजूरी दे दी है. बहुत जल्द इसका नोटिफिकेशन भी आ जाएगा. इस फैसले के बाद किसी भी Sarkari Naukri में 30 फीसदी महिलायें भर्ती की जाएंगी. समझिए इसका मतलब क्या है?


इसे और आसान भाषा में समझते हैं. मान लीजिए किसी महकमे में एक हजार वैकेंसी निकली. अब जब भर्ती होगी तो कम से कम तीन सौ पदों पर सिर्फ महिलाओं की ही भर्ती की जाएगी. ये अनिवार्य होगा. Uttarakhand Women Reservation का यह नियम मौजूदा आरक्षण के अंदर ही महिलाओं को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है.

किन महिलाओं को मिलेगा फायदा?
इस समय राज्य में एससी/ एसटी के लिए 27 फीसदी, ओबीसी के लिए 14 फीसदी और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू है. सरकार के इस नए फैसले से महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत का कानूनी अधिकार मिल गया है.

आरक्षण का लाभ उन सभी महिलाओं को मिलेगा, जिनके पास उत्तराखंड का डोमिसाइल है. फिर चाहे वे राज्य से बाहर किसी भी स्थान पर निवास कर रही हों.

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जेनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 को मंजूरी दी है. राजभवन से विधेयक विधायी विभाग भेज दिया गया है, जिसका गजट नोटिफिकेशन जल्द जारी हो जाएगा.

उत्तराखंड सरकार ने 30 नवंबर 2022 को विधानसभा में बिल को सर्वसम्मति से पारित कराकर राजभवन भेजा था. विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में 14 विधेयक पारित हुए थे। अधिकतर संशोधित विधेयक थे, इनमें महिला आरक्षण बिल भी शामिल था.


एक्सपर्ट से समीक्षा के बाद मिला आरक्षण
तब राजभवन से ज्यादातर विधेयकों को मंजूरी मिल गई थी, लेकिन Women Reservation Bill विचाराधीन था. राजभवन ने विधेयक को मंजूरी देने से पहले इसका न्याय और विधि विशेषज्ञों से परीक्षण कराया. इससे विधेयक को मंजूरी मिलने में एक महीने का अतिरिक्त समय लग गया