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Mumbai News: MLA नितेश राणे ने देवेंद्र फड़नवीस को लिखी चिट्ठी,कहा- मुंबई से...
कहा- मुंबई से मराठी लोगों को भगाया जा रहा है
 
Mumbai News

Mhara Hariyana News:

Mumbai: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) के बेटे और कणकवली विधानसभा क्षेत्र के विधायक नितेश राणे (Nitesh Rane) ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फड़नवीस (Devendra Fadnavees) को पत्र लिखकर मराठी लोगों को न्याय दिलाने की मांग की है.अपने पत्र में नितेश राणे ने कहा है कि मुंबई में मराठी आबादी को शहर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. उन्होंने फड़नवीस से इस समुदाय की समस्याओं पर गौर करने की अपील की है. 

नितेश राणे ने क्या लिखा है

नितेश ने उपमुख्यमंत्री को 22 सितंबर को लिखे पत्र में एक राजनीतिक दल पर आरोप लगते हुए कहा है कि इसके करीबी रियल एस्टेट डेवलपर्स का एक वर्ग मराठी लोगों को शहर से बाहर निकाल रहा है.पत्र में नितेश राणे ने कहा है,''नगर पालिका चुनाव कभी भी डिक्लेयर किए जा सकते हैं.एक बार फिर 'आदित्य सेना' ने आरोप लगाया है कि मुंबई को महाराष्ट्र से काट दिया जाएगा और मराठी लोगों को शहर से निकाल दिया जाएगा.लेकिन जो रियल इस्टेट डेवलपर उनके करीब हैं,वह मराठी मुंबईकर को भगाने के लिए दबाव डाल रहा है.”

पत्र में आगे लिखा है कि एसआरए में किरायेदार और झुग्गी-झोपड़ी के निवासी पुनर्विकास नियंत्रण नियमों के तहत निजी डेवलपर्स को प्रोजेक्ट दिया जाता है.हालांकि, कई पुनर्विकास परियोजनाओं में, डेवलपर्स एक से डेढ़ साल के वैकल्पिक स्थान या किराए का भुगतान करने के लिए सहमत होते हैं.लेकिन कई आवास परियोजनाओं में कई डेवलपर्स ने किराया देना भी बंद कर दिया है.


किस पर लगाया है मराठा को परेशान करने का आरोप

विकासकों से परेशान लोगों के लिए नितेश ने कहा कि वे शहर में अपनी संपत्ति बेचने के लिए मजबूर हैं. उन्होंने लिखा है, ''एक तरफ कोविड ने मराठी लोगों की आजीविका पर बुरा असर किया है और दूसरी तरफ,मुंबई में एक मराठी व्यक्ति को अपने जीवन के छह घंटे वसई विरार की यात्रा में खर्च करना पड़ रहा है.''

नितेश ने यह भी आरोप लगाया है कि विकासकों ने घर को ब्लॉक कर दिया है और किराए का भुगतान भी नहीं कर रहे हैं. कहीं-कहीं घर बनकर तैयार होने के बाद भी न तो भवन का अधिग्रहण किया जाता है और न ही उचित किराया मिलता है.इसी वजह से मराठी परिवारों को अनिवार्य रूप से अपने असली घर को विकासकों या एजेंट को बेचने के लिए मजबूर किया जाता है.

नितेश ने उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि ऐसे मामलों में सरकार के लिए जरूरी है कि वह ठोस कदम उठाए और जनता को परेशान करने वाले विकासकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे.