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स्वच्छता के नाम पर पिछले नौ सालों से मुख्यमंत्री कर रहे है प्रदेश की जनता को गुमराह : कुमारी सैलजा

प्रदेश में ऐसा कोई शहर नहीं जहां कूड़े के ढेर न लगे हो, सफाई कर्मियों की भर्ती से गुरेज कर रही है सरकार
 
 
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चंडीगढ़ । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा कांग्रेस कमेटी की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वच्छता के नाम पर पिछले नौ सालों से प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं, प्रदेश में ऐसा कोई शहर नहीं है जहां पर कूड़े के ढेर न लगे हो।

अब मुख्यमंत्री कह रहे है कि जहां पर कचरे के ढेर मिले तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस गठबंधन सरकार की घोषणाएं और चेतावनी दोनों ही जुमले बनकर रहे गए है, सरकार अपनी कमी छिपाने के लिए बार-बार चेतावनी देती है, कर्मचारी और अधिकारी आज भी मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में बैठकर चेतावनी देने से कुछ नहीं होगा, धरातल पर उतरेंंगे तो सच्चाई दिखाई देगी।



मीडिया को जारी एक बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार की गलत नीतियों के कारण जनता का जीना दूभर हो गया है।  इस सरकार में कोई सुनवाई नहीं हो रही यहीं वजह है कि सरकार के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए जनता-कर्मचारी जगह-जगह धरना, प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार की हर घोषणा एक जुमला ही साबित होती है सरकार कहती कुछ और करती कुछ है। जन समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। मुख्यमंत्री स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर कोरी घोषणाएं ही कर रहे है, इस अभियान के नाम पर पैसा पानी की तरह से बहाया गया पर सफाई कही भी दिखाई नहीं दी। स्वच्छता रैंक में हरियाणा के शहरों के नाम भी लिस्ट में  सबसे नीचे दिखाई देते हैं। प्रदेश में  60 नगर पालिकाएंं, 22 नगर परिषद और 11 नगर निगम है पर किसी भी जगह पर  सफाई कर्मियों की संख्या पूरी नहीं है, नई नियुक्तियां करने से गुरेज कर रही है, जो कर्मचारी रखे गए उनमें से अधिकतर अधिकारियों और नेताओं की कोठी पर लगा दिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि लंबित मांगों को लेकर स्थानीय निकाय विभाग  के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मी  दो दिन की हड़ताल पर चले गए थे। एक ओर जहां शहरों में कूड़े के ढेर लगे हुए थे दो दिन की हड़ताल में कूड़े के पहाड़ दिखाई देने लगे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सफाई व्यवस्था के हालात ऐसे है कि गुरुग्राम से लेकर ऐलनाबाद तक और पंचकूला से लेकर पलवल तक किसी भी शहर में जाकर देखो वहां पर कूड़े के ढेर ही दिखाई देंगे। कचरा प्रबंधन के नाम पर सरकार के पास कुछ भी नहीं है। स्वच्छता के नाम पर पिछले नौ सालों से मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को गुमराह करते आ रहे हैं।


उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में कचरे का उठाव न होने से कूड़े के ढेर लगे रहे। जिसके कारण गंदगी जनित रोग फैलने की आशंका बनी रहती है यानि कि सरकार की अनदेखी शहरी लोगों की जान खतरे में रहती है। अब मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कहा है कि अगले सप्ताह से उनकी टीम या अधिकारियों की टीमें शहरों में जाएंगी जहां भी कूड़े के ढेर मिले वहां अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार बताए कि इससे पहले इस प्रकार के मामले में कितनों के खिलाफ कार्रवाई की है। लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती, जो सरकारें जनता के साथ विश्वासघात करती है जनता समय आने पर उन्हें सबक सिखाकर रहती है।