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फाल्गुन मेला शुरू, खाटू श्याम के दर्शनों को उमड़ने लगे श्रद्धालु

200 घंटे लगातार खुले रहेंगे पट, पहले दिन एक लाख से अधिक लोगों ने किए श्याम दातार के दर्शन
 
 
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Mhara Hariyana News, सीकर।  बाबा खाटूश्यामजी का फाल्गुन मेला बुधवार से शुरू हो गया है। मेले में पहले दिन एक लाख से अधिक श्याम प्रेमियों ने लखदातार के दर्शन किए। यह मेला 11 दिन तक चलेगा। श्याम भक्त बाबा के साथ फाल्गुन मेले की खुशियां मनाएंगे। इस मेले में देशभर से बाबा के भक्त आते हैं। इस बार भी दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई, गुजरात से लोग दर्शन करने पहुंचे हैं। 

मेले के पहले दिन बुधवार सुबह से ही भक्तों की लाइनें देखने को मिली। हजारों भक्त बाबा की मंगल आरती में भी शामिल हुए थे। दोपहर में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मंदिर पहुंचे थे। वे करीब डेढ़ घंटे तक मंदिर परिसर में रूके। 


24 घंटे खुले रहेगा श्याम बाबा का दरबार
इस बार का फाल्गुन मेला कई मायनों में खास है। नंवबर से जनवरी तक मंदिर बंद होने से भक्त श्याम प्रभु के दर्शनों को व्याकुल थे। फरवरी में पट खुलते ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। चार मार्च तक भरने (लगने) वाले मेले में 24 घंटे बाबा का दरबार खुला रहेगा। 200 से ज्यादा घंटे तक भक्त लगातार लखदातार श्याम धनी के दर्शन करेंगे। एक दिन पहले मंगलवार को बाबा का तिलक और शृंगार किया गया था। जिसके बाद शाम पांच बजे से मंदिर को दर्शनों के लिए खोला गया था।

डीजे पर बैन, नाचते गाते पहुंचे भक्त 
प्रशासन ने इस बार मेला क्षेत्र में डीजे पर प्रतिबंध लगाया है। देश भर से आए भक्तों में खाटू बाबा से मिलने का अलग ही जोश देखने को मिल रहा है। इस बार तेज गूंजते भजनों की जगह लोग खुद भजन गाते हुए और नाचते हुए दरबार में पहुंच रहे हैं। हाथों में ढोलक और मंजीरे लेकर श्रद्धालु आ गया मैं दुनियादारी सारी बाबा छोड़ के, लेने आजा ओ खाटू वाले, रींगस के उस मोड़ पै…, बाबा का दरबार सुहाना लगता है, भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है…, हारे का तू हैं सहारा सांवरे, बाबा श्याम हमारे… भजन गाते चले।

हाथों में निशान लेकर पैदल यात्रा कर आए भक्त
बाबा के भक्त पैदल यात्रा करके और हाथों में निशान लेकर खाटू धाम में पहुंचे। माथे पर श्याम बाबा की पट्‌टी को बांध रखा था। मान्यता है कि पैदल निशान यात्रा करके श्याम बाबा को निशान चढ़ाने से बाबा शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना को पूर्ण होती हैं। सनातन संस्कृति में ध्वज को विजय का प्रतीक माना जाता है। इस कारण श्री श्याम बाबा के महाबलिदान शीश दान के लिए निशान चढ़ाया जाता है।