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श्रीबांकेबिहारी मंदिर में सात की मध्यरात्रि को होगा नंदलाला का जन्म, ठाकुरजी के महाभिषेक का समय तय

सात सितंबर को देशभर में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी, होगा कान्हा जी का जन्म
 
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सुप्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सात सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। इसे लेकर मंदिरों में होने वाले महाभिषेक और कार्यक्रमों पर मंथन तथा जन्माष्टमी पर लगने वाला विशेष भोग और ठाकुरजी की पोशाक भी तैयार हो रही है।


नंद के लाल और ब्रजवासियों के प्राणप्रिय भगवान श्रीकृष्ण की जन्म की खुशी के साथ तैयारियों का सिलसिला जोरों पर चल रहा हैै। वृंदावन के मंदिर हों या घर सभी जगह जन्मोत्सव की तैयारियों में सेवायत गोस्वामी एवं ब्रजवासी जुटे हैं। मंदिरों के सेवायत गोस्वामी प्रभु के अभिषेक एवं प्रसाद के लिए दूध, दही, मेवा के ऑर्डर बुक करा रहे हैं। 


वहीं भक्तों को भगवान के जन्म के प्रसाद के लिए पंजीरी, पाक, मिष्ठान तैयार किए जाने लगे हैं। सात सितंबर को ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, प्रेम मंदिर, राधादामोदर, राधारमण मंदिर में जन्माष्टमी के आयोजन होंगे। इसमें मंदिरों में भगवान के श्रीविग्रहों का महाभिषेक एवं विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे।

ठा. बांकेबिहारी मंदिर
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में सात सितंबर की मध्य रात्रि करीब 12 बजे ठाकुरजी के श्रीविग्रह का महाभिषेक। महाभिषेक के दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे। यह अभिषेक मंदिर के सेवायत अनिल गोस्वामी द्वारा विधिविधान पूर्वक किया जाएगा। इसके बाद रात्रि करीब दो बजे मंगला आरती होगी। वर्ष में एक बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रभु बांकेबिहारी की मंगला आरती होती है। इसके दूसरे दिन नंदोत्सव मनाया जाएगा। यह जानकारी मंदिर के प्रबंधक मुनीश कुमार ने दी।

ठाकुर राधादामोदर मंदिर
प्राचीन सप्त देवालयों में से एक ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में सात सितंबर को दिन में ठाकुरजी का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। सुबह लगभग 11 बजे से 12 बजे तक महाभिषेक, हरिनाम संकीर्तन होगा। शाम पांच बजे फूलबंगला और छप्पन भोग के दर्शन होंगे। इसके दूसरे दिन नंदोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर परिसर में दधिकांदा लीला होगी, जिसमें बड़ी संख्या में देशी-विदेशी भक्तजन शामिल होंगे। यह जानकारी मंदिर के सेवायत कृष्णबलराम गोस्वामी महाराज ने दी।

राधारमण मंदिर
प्राचीन ठाकुर राधारमण मंदिर में सात सितंबर को प्रात: 8 से 12 बजे तक अभिषेक किया जाएगा। ठाकुरजी के अभिषेक 21 किलो दूध, पंचाम़ृत, 54 प्रकार की महा औषधियां से किया जाएगा। इसके पश्चात ठाकुरजी दोपहर एक से दो बजे, शाम साढे़ पांच बजे से रात्रि दस बजे तक भक्तों को दर्शन देंगे। दूसरे दिन नंदोत्सव मनाया जाएगा। प्राचीन परंपरा के अनुसार जन्माभिषेक से पहले चांदी के कलशों में गोस्वामी यमुना से जल मंदिर लाएंगे। यह जानकारी मंदिर के सेवायत आचार्य पद्मनाभ गोस्वामी ने दी।

इस्कॉन मंदिर
श्रीकृष्ण बलराम मंदिर इस्कॉन में भी जन्माष्टमी सात सितंबर को पारंपरिक ढंग से मनाई जाएगी। दिन में ठाकुर श्रीकृष्ण बलराम को विशेष प्रकार का भोग लगाया जाएगा। रात्रि को 10 बजे से 12 बजे तक ठाकुरजी का पंचामृत से महाभिषेक होगा। अगले दिन नंदोत्सव मनाया जाएगा।