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आज सावन की शिवरात्रि पर कब और कैसे पूजा करने पर प्रसन्न होंगे महादेव

आज भोले के भक्त कोसों दूर की कांवड़ यात्रा खत्म करने के बाद अपने आराघ्य देवता औढरदानी शिव को शुभ मुहूर्त में जल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा करेंगे.
 
Shivratri
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Mhara Hariyana News

भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास की आज शिवरात्रि है. जिस प्रकार शक्ति की साधना के लिए नवरात्रि का पर्व बहुत ज्यादा महत्व रखता है, उसी तरह शिवरात्रि का पावन पर्व शिव भक्तों के लिए बहुत ज्यादा मायने रखता है. आज भोले के भक्त कोसों दूर की कांवड़ यात्रा खत्म करने के बाद अपने आराघ्य देवता औढरदानी शिव को शुभ मुहूर्त में जल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा करेंगे. हिंदू मान्यता के अनुसार जिस श्रावण मास में महादेव का धरती पर वास रहता है, उस सावन की शिवरात्रि पर आज महादेव से मनचाहा वरदान पाने के लिए कब और कैसे करें पूजा, विस्तार से जानने के लिए पढ़ें ये लेख.

शिवरात्रि पर कब चढ़ाएं जल

आज सावन की शिवरात्रि रात को 8:32 पर शुरू होकर कल 16 जुलाई 2023 की रात को 10:08 तक रहेगी. ऐसे में भगवान भोले के भक्त दो दिन तक अपने आराध्य देवता को जल चढ़ाकर पूजा कर सकेंगे. पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव को शिवरात्रि पर जल चढ़ाने से भगवान शिव शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने भक्त को दुर्लभ से दुर्लभ चीजें प्रदान कर देते हैं. आज के दिन की जाने वाली शिव साधना सारे मनोरथ पूरी करने वाली मानी गई है. 

कैसे करें भगवान भोलेनाथ की पूजा

सावन शिवरात्रि की पूजा विधि

आज सावन की शिवरात्रि पर भगवान शिव के साधक को शुभ मुहूर्त में तन और मन से पवित्र होने के बाद सबसे पहले प्रथम पूजनीय गणपति की पूजा करनी चाहिए ताकि आज की जाने वाली शिव साधना बगैर किसी बाधा के संपन्न और शुभ साबित हो. इसके बाद किसी शिवालय पर जाकर या फिर अपने घर में शिव मूर्ति या शिवलिंंग का सबसे पहले गंगाजल से अभिषेक करें. इसके बाद अपनी कामना और अपनी क्षमता के अनुसार दूध, दही, घी, शहद, आदि से अभिषेक करें. आज शिव पूजा में भगवान शिव की प्रिय चीजें जैसे बेलपत्र, शमीपत्र, भांग, भस्म, धतूरा, रुद्राक्ष, आदि जरूर अर्पित करें. भगवान शिव की पूजा में आज शिव महिम्न स्तोत्र, लिंगाष्टकं, शिव सहस्त्रनाम, शिव पुराण आदि का पाठ करें. यदि ये न कर पाएं तो नम: ॐ नमः शिवाय का अधिक से अधिक जप करें.

चार प्रहर की पूजा से चमकेगी किस्मत

सावन महीने की शिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का बहुत ज्यादा महतव माना गया है. ऐसे में आज भगवान शिव की चार प्रहर की पूजा अवश्य करें. मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ चार प्रहर की पूजा करने वाले भक्त पर अपनी असमी कृपा बरसाते हैं, जिससे उसकी किस्मत सोने की तरह चमकने लगती है.

प्रथम प्रहर : शाम 7:21 से 9:54 तक
द्वितीय प्रहर : रात्रि 9:54 से 12:27 तक
तृतीय प्रहर : पूर्वाह्न 12:27 से 3:03 तक
चतुर्थ प्रहर : पूर्वाह्न 3:03 से 5:33 तक