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अरुणाचल प्रदेश को मिलेगा पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: PM मोदी डोनी पोलो एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे

डोनी पोलो एयरपोर्ट का नाम अरुणाचल प्रदेश में सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) के प्रति सदियों पुरानी स्वदेशी श्रद्धा को दर्शाता है।
 
अरुणाचल प्रदेश को मिलेगा पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट

Mhara Hariyana News

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अरुणाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश दौरे पर रहेंगे। PM मोदी अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के होलांगी में सुबह डोनी पोलो एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। राज्य का यह पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है। साथ ही यहां 600 मेगावाट वाले कामेंग हाइड्रो पावर स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर में वाराणसी के लिए रवाना होंगे। वहां वे काशी तमिल संगमम का उद्घाटन करेंगे।

690 एकड़ में फैला है एयरपोर्ट
इस एयरपोर्ट की आधारशिला PM ने 2019 में रखी थी। डोनी पोलो एयरपोर्ट का नाम अरुणाचल प्रदेश में सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) के प्रति सदियों पुरानी स्वदेशी श्रद्धा को दर्शाता है। यह एयरपोर्ट करीब 690 एकड़ में फैला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके निर्माण में 640 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। 2300 मीटर रनवे के साथ यह एयरपोर्ट सभी मौसम में ऑपरेट हो सकेगा।

एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) लगाया गया है, जिसमें एक ग्लाइडपथ, एक लोकलाइजर, और दूरी मापने के डिवाइस शामिल हैं। इससे हर मौसम में एयरपोर्ट पर ऑपरेशन में मदद मिलेगी। राज्य में मौसम का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता है ऐसे में इस तरह की डिवाइस की बहुत जरुरत थी।

PM कामेंड हाइड्रो पावर स्टेशन का करेंगे लोकार्पण
PM मोदी 600 मेगावाट कामेंग हाइड्रो पावर स्टेशन का भी लोकार्पण करेंगे। इस परियोजना को 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनाया गया है। यह पावर स्टेशन पश्चिम कामेंग जिले में 80 किलोमीटर से अधिक के क्षेत्र में फैला है। इस परियोजना से राज्य को बिजली संकट से निजात मिलेगी। साथ ही राष्ट्रीय ग्रिड को भी लाभ मिलेगा।

एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शात है काशी तमिल संगमम
PM मोदी करीब दो बजे वाराणसी में काशी तमिल संगमम का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शात है। इसका उदेश्य तमिलनाडु और काशी के बीच सदियों पुराने संबंधों का जश्न मनाना और उसे आगे बढ़ाना है। तमिलनाडु से 2500 से ज्यादा प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके अलावा अगले एक महीने तक काशी में दोनों राज्यों के हस्तशिल्प, हैंडलूम, बुक्स, आर्ट, व्यंजनों, टूरिज्म प्लेस, इतिहास आदि से संबंधित एक एग्जीबिशन भी लगाई जाएगी।