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इजराइल ने फिलिस्तीन सीमा पर तैनात की रोबोटिक गन

AI टेक्नोलॉजी से अपने आप साधेंगी निशाना, आतंक रोकने लिया गया फैसला
 
इजराइल ने फिलिस्तीन सीमा पर तैनात की रोबोटिक गन

Mhara Hariyana News

इजराइल में आजादी के बाद पहली बार धार्मिक कट्टरवादी सरकार बनने जा रही है। इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की सीमा पर तीन रोबोटिक गन लगवाई हैं। इनमें से दो वेस्ट बैंक में लगाए गई हैं, जो फिलिस्तीन और इजराइल के बीच का विवादित क्षेत्र है।

यहां अक्सर फिलिस्तीनी इजराइल के खिलाफ विरोध जताते हैं। इन रोबोटिक गन्स के जरिए आंसू गैस, स्मोक ग्रेनेड (धुआं फैलाने वाला बम) और स्पंज बुलेट छोड़े जाएंगे। ये गन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी से टारगेट तय करती हैं। ये गन जानलेवा तो नहीं, लेकिन बहुत घातक हैं

आतंक पर लगाम के लिए फिलिस्तीनी सीमा ब्लॉक होगी
नेतन्याहू खुले तौर पर फिलिस्तीन विरोधी कट्टरपंथियों के साथ हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नेतन्याहू फिलिस्तीनियों को रोकने के लिए बनी दीवार का काम आगे बढ़ा सकते हैं।

इधर, फिलिस्तीनी मानवाधिकार समूहों का कहना है कि इजराइल के चुनावी लोकतंत्र का एक ही मकसद है- फिलिस्तीनी अरब लोगों का दमन और यहूदियों का वर्चस्व बनाना।

फिलिस्तीनी मानवाधिकार संगठन ‘द इजराइली इन्फॉर्मेशन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ऑक्यूपाइड टेरीटरीज’ या बेतसेलेम ने चुनाव से ठीक पहले कहा कि इजराइली सत्ता एक ही सिद्धांत पर चल रही है- एक समूह यहूदी का दूसरे समूह फिलिस्तीनी पर वर्चस्व स्थापित करना। इजराइल की सरकार इन लोगों का जीवन तय करती है, लेकिन उन्हें चुनावों में हिस्सा लेने या वोट डालने का अधिकार नहीं है। फिलिस्तीनी क्षेत्रों में रहने वाले ये लोग फिलिस्तीन के प्रशासन में रहते हैं। फिलहाल इन इलाकों पर हमास और दूसरे चरमपंथी गुटों का नियंत्रण है।

इजराइल के द्विपक्षीय व्यापारों पर असर पड़ेगा
एकस्पर्ट्स का कहना है कि नेतन्याहू के गठबंधन सहयोगियों के चलते इजराइल के द्विपक्षीय व्यापारों पर असर पड़ेगा। हाल ही में नेतन्याहू के सहयोगी और कट्टरवादी नेता बेन ग्विर आतंकवाद के दोषी रहे कहाने के मेमोरियल पर गए थे।

इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि एक आतंकी संगठन की विरासत का जश्न मनाना निंदनीय है। कहाने नेसेट (संसद) के सदस्य रहे हैं। उनके संगठन को आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के चलते बैन कर दिया गया था।

नेतन्याहू बोले- अमेरिका अंदरूनी मामलों में दखल न दे
इजराइल कट्टर दक्षिणपंथी नेता स्मोत्रिच को रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्त करना चाह रहा है, लेकिन अमेरिकी राजदूत नाइड्स ने नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान स्मोत्रिच को ये पद न देने का इशारा किया। इस पर नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका को नई सरकार के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।