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Dengue Fever: किन परिस्थितियों में डेंगू जानलेवा है? पता लगाएं कि ठीक होने में कितना समय लगता है

Dengue Fever: प्लेटलेट्स कम होना डेंगू नहीं है। आइए जानते हैं किन परिस्थितियों में डेंगू जानलेवा है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
 
Dengue Fever: किन परिस्थितियों में डेंगू जानलेवा है? पता लगाएं कि ठीक होने में कितना समय लगता है

Mhara Hariyana News, New Delhi: Dengue fever: हर साल देश के कई हिस्सों में जुलाई से अक्टूबर के बीच डेंगू (dengue fever) तेजी से फैलता है. इस साल भी दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के कई जगहों से डेंगू से मौत (dengue cases) के मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि, प्लेटलेट्स कम होना ही डेंगू नहीं है. आइए जानते हैं कि डेंगू किन परिस्थितियों में जानलेवा होता है और कैसे इससे बचा जा सकता है.

कैसे होती है यह बीमारी: डेंगू बुखार मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है. ये मच्छर गंदगी में नहीं, साफ जगह पर पनपते हैं. जो लोग शहरों में साफ-सुथरी जगहों पर रहते हैं, उन्हें डेंगू का खतरा ज्यादा होता है.

आपको बता दें कि डेंगू तीन तरह के होते हैं- साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हेमरेजिक बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम. डेंगू हेमरेजिक बुखार में नाक, मसूड़े और उल्टी से खून आता है, जबकि डेंगू शॉक सिंड्रोम में मरीज बैचेन रहता है. इतना ही नहीं, कई बार मरीज होश खो देता है और ब्लड प्रेशर भी कम होने लगता है. 

नवंबर तक रहता है खतरा
जब बारिश का मौसम खत्म होता है और सर्दी शुरू होने वाली होती है तो उस दौरान डेंगू के ज्यादा मामले सामने आते हैं. नवंबर तक डेंगू का खतरा है. इसके अलावा, कुछ लोगों का मानना है कि यह बीमारी छुआछूत है, जो बिल्कुल भी नहीं है.

जिस भी व्यक्ति के खून में डेंगू वायरस होता है, उसे काटने से मच्छर संक्रमित हो जाता है. फिर यह मच्छर जिन लोगों को काटता है, उन्हें डेंगू होने का खतरा रहता है.


क्या है प्लेटलेट्स?
डेंगू तब और ज्यादा गंभीर हो जाता है, जब मरीज के खून में प्लेटलेट्स कम होने लगती हैं. प्लेटलेट्स बनाने वाली सेल्स को कहते हैं. ऐसे में यदि आपकी प्लेटलेट्स पहले से कम हैं तो डेंगू से आप जल्दी बीमार हो सकते हैं.

डेंगू में जब प्लेटलेट्स घटती हैं तो इसे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहते हैं. वैसे तो डेंगू प्लेटलेट्स को खत्म नही करता है पर यह प्लेटलेट काउंट और फंक्शन को खराब करने लगता है. स्वस्थ इंसान के 1.5 से 4.5 लाख प्लेटलेट्स होने चाहिए. प्लेटलेट्स अगर 20 हजार से नीचे जाती हैं तो जान को भी खतरा रहता है.

ठीक होने में लगते हैं कितने दिन?
डेंगू के मरीज एलोपैथी इलाज सी ठीको होने के बाद आयुर्वेद उपचार या घरेलू नुस्खा से भी अपने को जल्द रिकवर कर सकते हैं. आमतौर पर डेंगू के लक्षण 4 से 10 दिन तक रहते हैं. कभी-कभी बुखार दो हफ्तों तक भी रह सकता है, यह मरीज की इम्युनिटी पर निर्भर करता है.

डेंगू के लक्षण (dengue symptoms)
सिरदर्द, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द, ठंड लगने के साथ बुखार चढ़ना, जी मिचलाना, उल्टी आना, आंखों में दर्द, स्किन पर लाल चकत्ते होना, मुंह का स्वाद खराब लगना.

बिना सलाह दवा न लें

समय पर टेस्टिंग और सही इलाज न लेने से 3-4 दिन में मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है
बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
डायबिटीज, किडनी, बीपी के मरीज को ज्यादा ख्याल रखना चाहिए.
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने पर प्लेटलेट्स घट सकती हैं.
अपनी मर्जी से कोई ब्लड टेस्ट न कराएं, तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
मरीज में पानी की कमी न होने दें. दिन में 3-4 लीटर पानी पिएं.
डेंगू से उबरने को आंवला, कीवी, संतरा जैसे खट्टे फल खाएं. अनार और पपीता का भी सेवन करें.
आंवला, नारियल पानी और गिलोय रस से इम्यूनिटी बढ़ेगी और प्लेटलेट्स में सुधार होगा.