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राजस्थान में हुई शाही शादी, राजसी ठाट बाट देख कर हर कोई रह गया दंग

बेटी को चांदी के सोफे-डाइनिंग टेबल, 2 करोड़ के गहने, विंटेज कारों, हेली काप्टर पर दुल्हा तो ऊंट-बैल गाड़ी में आए बाराती 
 
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Mhara Hariyana News, Pali,पाली। पाली के जैतारण क्षेत्र के मोहराई गांव में बीती 22 फरवरी को ऐतिहासिक शाही शादी हुई। शादी में दूल्हा हेलिकॉप्टर पर सवार होकर आया तो  बाराती विंटेज कारों, ऊंट-बैल गाड़ी और बग्गियों में। दुल्हा दुल्हन जब एक दूसरे को वर माला पहना रहे थे तो उनके पीछे परियां नाच रही थी। बारातियों के स्वागत में करीब 10 किलोमीटर तक सड़क किनारे शहनाइयां बज रही थीं। पंजाब और नासिक से आए बैंड शाही दरवाजों पर स्वागत कर रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे किसी राजघराने की बारात आई हो।

बेटी को गिफ्ट में 2 KG सोने के गहने, 100 KG चांदी के गहने, फर्नीचर और बर्तन, SUV कार और बंगला दिया
व्यवसायी महेन्द्र सिंह सेवड़ (राजपुरोहित) ने अपनी बेटी को गिफ्ट में 2 KG सोने के गहने, 100 KG चांदी के गहने, फर्नीचर और बर्तन, SUV कार और बंगला दिया। विदाई के समय लाखों रुपए कैश उछालकर नोटों की बारिश की गई। मोहराई से करीब 5 किमी दूर एक रिसॉर्ट में बारातियों के रुकने और खाने का इंतजाम किया गया था। इसके साथ ही महेंद्र सिंह ने स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं को भी शादी की खुशी में सहयोगी राशि दी। 

बेंगलुरु में प्रॉपर्टी का बिजनेस है

महेन्द्र सिंह सेवड़ का बेंगलुरु में प्रॉपर्टी का बिजनेस है। साथ ही, पाइप बनाने की कई फैक्ट्रियां हैं। महेंद्र सिंह फिलहाल मोहराई गांव में ही रहते हैं। उनकी बेटी वंशिका की शादी पाली के ही भैसाणा गांव निवासी लक्ष्मण सिंह जागरवाल के बेटे कुलदीप सिंह जागरवाल के साथ हुई है। कुलदीप सिंह भी एक बिजनेसमैन हैं।


बारातियों को विंटेज कार और बग्गियों पर बैठाया
दुल्हन के पिता ने बताया कि बेटी का एक संपन्न परिवार में ब्याह किया है। वे भी बिजनेस फैमिली से हैं। बेटी को ब्याहने दूल्हा कुलदीप सिंह जागरवाल हेलिकॉप्टर से बारात लेकर अपने पैतृक गांव भैसाना से मोहराई पहुंचा। बारात का मोहराई से करीब 5 किलोमीटर पहले से स्वागत शुरू कर दिया गया था।

सैकड़ों तरह के व्यंजन
शादी में सैकड़ों तरह के व्यंजन तैयार किए गए। भोजन करने वाले भी सोचने लगे कि थाली में क्या-क्या लें। जयपुर हाईवे के भाकरावास के पास शीतल भूमि, रिसॉर्ट में यह आयोजन हुआ। रिसाॅर्ट को भी सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी में रिसॉर्ट दूर से ही चमक रहा था। 


सामाजिक संस्थाओं को भी  सहयोग
वंशिका के दादा बाबू सिंह राजपुरोहित की इच्छा पर उनके बेटे महेन्द्र सिंह और ढगल सिंह ने सामाजिक संस्थाओं में भी दिल खोलकर सहयोग दिया। बेटी की शादी के उपलक्ष्य में उन्होंने 25 लाख रुपए श्री चामुंडा माता गौशाला सेवा समिति मोहराई में सत्संग पंडाल निर्माण के लिए दिए। 5 लाख 55 हजार 555 रुपए अनाथ और दिव्यांग छात्रों के लिए भवन निर्माण के लिए सत्य प्रेम करुणा सेवा संस्थान जोधपुर को दिए। धर्मस्थला मंजूनाथा स्वामी आश्रम में 1 लाख 1 हजार, गांव के 10 हर धार्मिक मंदिर सेवा समितियों में 5100-5100 रुपए दिए गए।