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राम मंदिर में 44 दरवाजे, 14 सोने से जड़े :गर्भगृह तक लिफ्ट से पहुंचेंगे बुजुर्ग

 
DS
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अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में 22 दिन और हैं। मंदिर में कंस्ट्रक्शन अब भी चल ही रहा है। अनुमान है कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद हर दिन करीब 2 लाख लोग दर्शन के लिए आएंगे। मंदिर में इतनी भीड़ मैनेज करना भी एक चुनौती की तरह होगा।

भास्कर ने मंदिर के डिजाइन एंड कंस्ट्रक्शन मैनेजर गिरीश सहस्रभोजनी से इस बारे में बात की। वे राम मंदिर प्रोजेक्ट में 3 साल से काम कर रहे हैं। 

प्रोजेक्ट पूरा होनें में लगेंगे दो साल
मंदिर निर्माण में अब तक 392 पिलर, 44 गेट और नागर शैली की वास्तुकला की झलक देखने को मिल रही है। मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए 32 सीढ़ियां बनकर तैयार हो गई हैं। हालांकि, मंदिर निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट पूरे होने में अभी दो साल और लग सकते हैं। जानकार कहते हैं कि इसी तेजी से काम आगे चलता रहा तो 2026 तक अयोध्या और राम मंदिर की दिव्यता और भव्यता पूरे देश-दुनिया को देखने को मिलेगी। 


सिर्फ 25-30 फीसदी क्षेत्र में ही निर्माण
मंदिर का पूरा परिसर 70 एकड़ का है, जिसमें 25-30 फीसदी ही निर्मित क्षेत्र होगा। बाकी हरित क्षेत्र होगा। मंदिर का पहला चरण पूरा होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को ‘प्राण प्रतिष्ठा’ (राम लला की मूर्ति के अभिषेक कार्यक्रम) समारोह में हिस्सा लेंगे। तब तक भूतल और पूर्व में बन रहा मुख्य प्रवेश द्वार तैयार हो जाएगा। अभिषेक का शुभ समय दोपहर करीब 12.15 बजे होगा।


पूर्व दिशा से प्रवेश, दक्षिण से निकास 
राम मंदिर निर्माण में संस्कृति का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है। पूरा मंदिर नागर शैली में बन रहा है। मंदिर में दक्षिण की द्रविड़ शैली का भी खास प्रभाव देखने को मिल रहा है। राम मंदिर में पूर्व की दिशा से प्रवेश होगा, जबकि दर्शन के बाद श्रद्धालु दक्षिण दिशा से मंदिर से बाहर आएंगे। बीच में रामलला का गर्भगृह है। 


मंदिर के भीतर अलग-अलग 44 द्वार 
मंदिर में ऊपर तक पहुंचने के लिए कुल 32 सीढ़ियां हैं, उसके बाद ही श्रद्धालु मंदिर तल पर पहुंच सकेंगे। प्रथम तल पर श्रीराम दरबार होगा। नृत्य, रंग, सभा, प्रार्थना और कीर्तन के पांच मंडप भी बनाए जा रहे हैं। मंदिर परिसर कुल 2.70 एकड़ में बन रहा है। मंदिर के भीतर अलग-अलग 44 द्वार होंगे। 


परकोटे में बनाए जा रहे हैं मंदिर
मंदिर परिसर में राम लिफ्ट और लॉकर की सुविधा भी श्रद्धालुओं के लिए होगी। मंदिर के चारों ओर लंबा-चैड़ा परकोटा बनाया जा रहा है। यह परकोटा 732 मीटर लंबा और 14 फीट चैड़ा होगा। यह प्रकृति दक्षिण भारतीय मंदिरों की शैली और परंपरा से लिए गए हैं। इन परकोटों के चारों कोनों पर मंदिर स्थापित हो रहे हैं, जिसमें गणपति शिव भगवती और सूर्य के मंदिर होंगे।


अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम शुरू
राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि परिसर में चारों वेदों की सभी शाखाओं का पारायण और यज्ञ अनवरत चल रहा है। देश के सभी प्रांतों से मूर्धन्य वैदिक विद्वानों और यज्ञाचार्यों को इस अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह अनुष्ठान प्राण प्रतिष्ठा तक अनवरत चलता रहेगा। प्राण-प्रतिष्ठा से एक हफ्ते पहले अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। उससे पहले नगर में शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।